West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे पश्चिम बंगाल को गुजरात नहीं बनने देंगीं. ममता बनर्जी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग तृणमूल कांग्रेस छोड़ना चाहते हैं, जितना जल्दी हो सकें पार्टी छोड़ दें. Also Read - Who Is Paayel Sarkar: कौन हैं पायल सरकार? जिन्होंन आज थाम लिया भाजपा का दामन

उन्होंने कहा, “जो लोग तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़ने के लिए लाइन में खड़े हैं, उन्हें जल्द से जल्द छोड़ देना चाहिए. बंगाल और टीएमसी को आपकी जरूरत नहीं है. टीएमसी ने उन्हें टिकट नहीं दिया होगा, इसलिए वे डर में छोड़ रहे हैं.” Also Read - Lokkho Sonar Bangla Campaign LIVE: WB Election में BJP ने झोंकी पूरी ताकत, JP Nadda ने लॉन्च किया सोनार बांग्ला

इसी साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को लेकर ममता बनर्जी पूरे राज्य में लगातार रैलियां कर रही हैं. Also Read - WB Assembly Election: बंगाल चुनाव में एक और क्रिकेटर की एंट्री, मनोज तिवारी गए TMC में, तो अशोक डिंडा बने भाजपाई

हुगली के पुरसुरा में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “नेताजी सुभाष चंद्र बोस सभी के नेता हैं … वे मुझे प्रधानमंत्री के सामने चिढ़ा रहे थे (23 जनवरी को विक्टोरिया मेमोरियल में) … मैं बंदूकों में विश्वास नहीं करती, मैं राजनीति में विश्वास करती हूं. भाजपा ने नेताजी और बंगाल का अपमान किया.”

उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले भी बंगाल के प्रतिष्ठित लोगों का अपमान किया है और अब भी ऐसा कर रही है. उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का नाम ‘भारत जलाओ पार्टी’ रखा जाना चाहिए. ममता ने कहा कि विक्टोरिया मेमोरियल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में तानों और अपमान का सामना करना पड़ा.

भाजपा को ‘बाहरी लोगों’ का समूह और ‘भारत जलाओ पार्टी’ बताते हुए बनर्जी ने कहा कि भाजपा लगातार बंगाल की महान शख्सियतों का अपमान कर रही है और नेताजी भी ‘‘इस फहरिस्त में शामिल हो गए हैं.’’ तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने यहां एक रैली में कहा, ‘‘क्या आप किसी को अपने घर बुलाकर उसका अपमान करेंगे? क्या यह बंगाल या हमारे देश की संस्कृति है? अगर नेताजी के लिए नारे लगाए जाते तो मुझे कोई परेशानी नहीं होती.’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. मेरा उपहास उड़ाने के लिए उन्होंने नारे लगाए जिनका कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं था. देश के प्रधानमंत्री के सामने मेरा अपमान किया गया. यह उनकी (भाजपा) संस्कृति है.’’ सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के मौके पर शनिवार को आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में “जय श्रीराम” के नारे लगाए जाने के बाद बनर्जी ने कार्यक्रम को संबोधित नहीं किया था. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे.

दल बदलुओं को “विश्वासघाती” बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़ने वाले नेताओं को फिर कभी पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा. बनर्जी ने कहा, ‘‘जो (पार्टी) छोड़कर गए हैं, उन्हें पता था कि उन्हें आगामी चुनाव में टिकट नहीं मिलने वाला है. यह अच्छा है कि वे चले गए अन्यथा हम उन्हें निकाल देते…. जो पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें जल्द से जल्द पार्टी छोड़ देनी चाहिए.”