PM Kisan Samman Nidhi: देशभर के किसानों को केंद्र सरकार द्वारा हर साल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) योजना के अंतर्गत 6000 रुपये दिए जाते हैं. ये पैसे किसानों को चार महीने के अंतराल में तीन किस्तों में दिए जाते हैं. यानी मोदी सरकार हर चार महीनों पर आर्थिक मदद के तौर पर किसानों को डीबीटी के जरिए 2000 रुपये का भुगतान करती है. वे किसान चाहे किसी भी राज्य के निवासी हों. इसके लिए राज्य सरकारों को केंद्र की इस योजना में शामिल होना पड़ता है.Also Read - PM Kisan Samman Nidhi Yojana: 7 लाख से ज्यादा किसानों को लौटानी पड़ सकती है 10वीं किस्त की राशि, जानिए-क्यों?

पश्चिम बंगाल में भी करीब 23 लाख किसानों ने भी इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है, लेकिन इस राज्य के किसानों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. पश्चिम बंगाल के किसानों ने पीएम किसान योजना का लाभ पाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन तो कराया, लेकिन अभी हाल के महीनों तक राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने योजना में खुद को शामिल नहीं किया था. Also Read - Bengal Lockdown: बंगाल सरकार ने नियमों में किया संशोधन, अब दिल्ली और मुंबई से तीन दिन बंगाल आ सकेंगी उड़ानें

अब उन्होंने पश्चिम बंगाल को पीएम किसान योजना में शामिल किए जाने को लेकर हामी भर दी है. लेकिन, उनकी हामी के बावजूद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा. सूत्रों की माने तो पीएम किसान योजना के तहत पश्चिम बंगाल को शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भले ही हामी भर दी हो, लेकिन राज्य में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों के आवेदन को सत्यापित करने के लिए अभी तक नोडल अधिकारी की नियुक्ति नहीं की जा सकी है. Also Read - Bengal Lockdown: दिल्ली और महाराष्ट्र से बंगाल आने वाले विमानों के लिए ममता सरकार के नए नियम, अब सिर्फ...

सूत्र यह भी बताते हैं कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक है और ऐसी स्थिति में पीएम किसान योजना को क्रियान्वित करने के लिए नोडल अधिकारी को तत्काल नियुक्त करना आसान काम नहीं है. हाल में ही कुछ सप्ताह पहले भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्य के करीब 23 लाख किसानों को इस योजना से वंचित रखने के लिए राज्य सरकार ने उनकी पहचान करने और लाभार्थियों की सूची केंद्र को सौंपने से इनकार कर दिया है.