Violence in Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की समाप्ति के फौरन बाद बंगाल में हिंसा का दौर शुरू हो गया. इस दौरान कई लोगों की हिंसा में मारे जाने की खबर सामने आई. इस बीच गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर चार सदस्यीय टीम को पश्चिम बंगाल के दौरे पर भेजा गया है. यह टीम हिंसा पीड़ित संभावित इलाके का दौरा करेगी और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेगी. गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव के नेतृत्व में यह टीम अपनी जांच रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपेगी.Also Read - मवेशी तस्करी केस: सीबीआई ने TMC के सीनियर नेता अनुब्रत मंडल को अरेस्ट किया

बता दें कि बंगाल चुनाव के परिणाम के घोषित होने के तुरंत बाद कई इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं संग मारपीट, आगजनी और हत्या जैसे मामले देखने को मिले. इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा केंद्र सरकार से हिंसा के बाबत जांच की मांग की गई, जिसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नेड्डा ने हिंसा में पीड़ित परिवार के लोगों से मुलाकात की और ममता बनर्जी पर हिंसा को उकसाने और वारदात के समय चुप्पी साधने का आरोप लगाया. Also Read - Coal Smuggling Case: ईडी ने पश्चिम बंगाल के 8 IPS अफसरों को दिल्ली में किया तलब

बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्रालय ने कुछ दिनों पहले ही बंगाल सरकार को बंगाल में हो रहे हिंसा पर एक पत्र लिखा. राज्य सरकार द्वारा इस पत्र का कोई जवाब नहीं दिया गया. इसके बाद केंद्र सरकार ने दूसरी बार राज्य सरकार को पत्र लिखा और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. गृह मंत्रालय ने ममता बनर्जी सरकार से पूछा है कि चुनाव के बाद हिंसा के रोकने के उपायों के बारे में राज्य सरकार द्वारा अबतक कोई जवाब क्यों नहीं दिया गया है? Also Read - सुनील बंसल राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए, धर्मपाल सिंह यूपी बीजेपी के महामंत्री बने, कर्मवीर सिंह को झारखंड की जिम्मेदारी

भाजपा ने आरोप लगाया है कि 2 मई बंगाल चुनाव के परिणामों के घोषित होने के बाद 20 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है. भाजपा द्वारा हिंसा में मारे गए 9 भाजपा कार्यकर्ताओं के नामों का ऐलान भी किया गया. बता दें कि इस मामले में मानवाधिकार आयोग द्वारा अपने उप महानिरीक्षक (जांच) से अनुरोध किया है कि बंगाल हिंसा पर वे रिपोर्ट के लिए एक टीम का गठन करें और ऑन द स्पॉट फैक्ट जांच करके दो सप्ताह में रिपोर्ट सबमिट करें.