WB Assembly Election: बंगाल विधानसभा चुनाव साल 2021 में होने वाले हैं लेकिन इससे पहले बंगाल की सियासी जमीन पर सभी राजनीतिक पार्टियां सियासी घमासान में जुटी हुई है. पश्चिम बंगाल में एक तरफ भारतीय जनता पार्टी जहां अपने जड़ों को और मजबूत करने व खुद के लिए सियासी जमीन तलाशने में जुटी हुई है. वहीं ममता बनर्जी के लिए उनके अपने ही नेता परेशानी का सबब बने हुए हैं. बीते दिनों शुभेंदु अधिकारी ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. इससे पहले वे मंत्री पद से भी इस्तीफा दे चुके थे. ऐसा माना जा रहा है. अमित शाह की बंगाल रैली के दौरान वे भाजपा में शामिल होंगे. लेकिन भाजपा केवल यहीं तक सीमित नहीं है. Also Read - TMC सांसद नुसरत जहां ने भाजपा को बताया दंगा कराने वाला, मुसलमानों को कहा- उल्टी गिनती शुरू..

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के किले को ढहाने के लिए भाजपा ने खास रणनीति भी तैयार की है, इसके तहत पार्टी ने 7 बड़े नेताओं को ममता बनर्जी के किले में सेंध लगाने की जिम्मेदारी दी है. भाजपा की इस स्पेशल-7 टीम में केशव प्रसाद मौर्या, गजेंद्र सिंह शेखावत, नरोत्तम मिश्र, मनसुख मंडाविया, प्रधान सिंह पटेल, संजीव बालियान, अर्जुन मुंडा शामिल हैं. ये सभी नेता अपने अपने स्तर पर पश्चिम बंगाल में भाजपा की स्थिति मजबूत करने व ममता की कमजोरी तलाशकर हारकर को सुनिश्चित कराने को लेकर प्रयास करेंगे. Also Read - WB Assembly Elections: एक-एक कर ममता से दूर हो रहे करीबी, अब इस सांसद ने दिए TMC छोड़ने के संकेत

19-20 दिसंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बंगाल की दो दिवसीय यात्रा पर रहेंगे. इस दौरान वे स्पेशल 7 के नेताओं के साथ एक बैठक करेंगे. कोलकाता में सभी नेताओं से मिलने के बाद वे योजना बनाएंगे जिसपर अमल किया जाएगा. बता दें कि इन स्पेशल 7 के कुल 7 सदस्यों को 6 लोकसभा सीटों की कमान दी गई है. बंगाल में कुल 432 लोकसभा सीट हैं. ऐसे में सभी के कंधे पर 6 लोकसभा सीटों के तहत आने वाले विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है. Also Read - Army Day 2021: BJP ने सेना दिवस के अवसर पर साझा किया बेहतरीन वीडियो, दिखा जवानों का पराक्रम