पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राज्य में ‘सुशासन’ के हित में फिर राज्यपाल बदलने की मांग की है. सीबीआई द्वारा नारदा घोटाला (Narada Scam) मामले में सोमवार को दो मंत्रियों, एक पूर्व मंत्री और एक पूर्व मेयर सहित तृणमूल के चार नेताओं को गिरफ्तार करने के तुरंत बाद यह पत्र आया है. Also Read - अभी और नेता छोड़ेंगे BJP और TMC ज्वॉइन करेंगे, मुकुल रॉय की वापसी पर बोलीं CM ममता

इस गर्मी के विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की भारी जीत के बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Governor Jagdeep Dhankhar) ममता सरकार के खिलाफ असामान्य रूप से आक्रामक हो गए हैं. आज मंगलवार को भेजे गए बनर्जी के पत्रों में आरोप लगाया गया है कि राज्यपाल धनखड़ चुनाव के बाद से पश्चिम बंगाल में हिंसा का ‘अतिरंजित वर्जन’ उठा रहे हैं. Also Read - Narada Scam: TMC के चारों नेताओं के नहीं मिली जमानत, फिलहाल रहेंगे हाउस अरेस्ट

पत्र में यह भी कहा गया है कि शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कानून-व्यवस्था के मुद्दे को उठाकर और सार्वजनिक डोमेन में इसके बारे में ट्वीट करके धनखड़ ‘सभी सीमाएं पार’ कर रहे थे. उन्होंने कहा कि राज्यपाल उस समय ‘सरकार के कामकाज को अस्थिर’ करने की कोशिश कर रहे हैं, जब समय की जरूरत कोविड महामारी को नियंत्रित करने के प्रयासों पर केंद्रित थी. Also Read - West Bengal Assembly Elections 2021: सत्ता में आए तो NRC नहीं होने देंगे- प्रचार में बोलीं CM Mamata Banerjee

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि पार्टी राज्यपाल को हटाने की मांग को लेकर विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव पर विचार कर रही है. राज्यपाल जब से कार्यभार संभाला है, तब से तृणमूल सरकार के निशाने पर हैं. तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने आरोप लगाया, ‘वह एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से कानून और व्यवस्था के गंभीर रूप से टूटने की कहानी बनाने की कोशिश कर रहे हैं.’

लेकिन राजभवन के सूत्रों ने तृणमूल के आरोपों को खारिज किया है. एक ने कहा कि राज्यपाल प्रशिक्षण से एक वकील थे और इस शक्तियों और जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह से जागरूक थे. राजभवन के सूत्र ने कहा, ‘उन्होंने कानून-व्यवस्था के बिगड़ने पर वाजिब चिंता जताई थी. उन्होंने नारदा घोटाला मामले में शामिल राजनेताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सीबीआई को मंजूरी दे दी थी.’ (आईएएनएस)