West Bengal Exit Poll Results: कांग्रेस (Congress party) के लिए एग्जिट पोल के नतीजे बहुत ज्यादा रोमांचित करने वाले नहीं हैं, क्योंकि पोल के अनुसार पार्टी तमिलनाडु को छोड़ कहीं अच्छा प्रदर्शन नहीं करने जा रही है. वहीं पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एक्जिट पोल की भविष्यवाणी उम्मीद के मुताबिक ही है. आईएएनएस से बात करते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘भाजपा ने पश्चिम बंगाल मे काफी महंगा चुनाव अभियान चलाया और हरसंभव प्रयास किया. लेकिन लोगों का आमतौर मानना है कि कमियों के बावजूद ममता बर्नी ने लोगों को कुछ हद तक सशक्त जरूर किया है.’Also Read - 'Sunrise over Ayodhya: कोर्ट ने सलमान खुर्शीद के खिलाफ केस दर्ज करने का दिया आदेश

उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी जमीन पर पकड़ बनाए रखेगी, इस बात का आभाष मुझे तब हो गया था जब मैंने राज्य का दौरा किया था.’ टाइम्स नाउ / एबीपी न्यूज के लिए सीवोटर के एग्जिट पोल के अनुसार ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भाजपा से भारी चुनौती का सामना करने के बावजूद लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने में सफल होगी. Also Read - Salman Khurshid Book: दिल्ली हाईकोर्ट ने सलमान खुर्शीद की किताब पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज की

मालूम हो कि ऐसा लगता है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपने सभी संसाधनों को दांव पर लगाने के बावजूद बीजेपी ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से बेदखल करने में नाकामयाब रहेगी. टाइम्स नाऊ /एबीपी न्यूज-सीवोटर एग्जिट पोल के मुताबिक ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को भाजपा से कड़ी टक्कर मिलेगी, लेकिन अंतत: सत्ता तृणमूल कांग्रेस के पास ही रहेगी. Also Read - कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के घर पर तोड़फोड़ के बाद आगजनी- किताब में 'हिंदुत्व की ISIS से तुलना' करने पर मचा है बवाल

सर्वे के मुताबिक भाजपा को 115 सीटों पर जीत हासिल होगी, जो जादुई आंकड़े से 33 कम है. भाजपा को पिछले विधानसभा चुनाव में केवल 3 सीट मिली थी, जिसमें इसबार 112 सीटों का इजाफा होने की उम्मीद है. एग्जिट पोल बताते हैं कि जमीनी स्तर पर पकड़ ढिली होने के बावजूद टीएमसी अभी भी 158 सीटें जीतने में कामयाब हो सकती है, जो 148 के जादुई आंकड़े से 10 अधिक है.

दो सीटों पर उम्मीदवारों की मौत के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा की 292 सीटों के लिए चुनाव परिणाम आएंगे. एग्जिट पोल से पता चलता है कि लेफ्ट, जिसने तीन दशक से अधिक समय तक राज्य पर शासन किया था, कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन होने के बावजूद, एक मामूली खिलाड़ी साबित होगी.

सर्वे के अनुसार कांग्रेस, वाम और आईएसएफ को पिछले चुनावों में 59 सीटें हासिल हुई थीं, वहीं इसबार केवल 19 सीटें जीतने का अनुमान है. एग्जिट पोल में सत्तारूढ़ टीएमसी को 152 से 164 तक, बीजेपी के लिए 109 से 121 और कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियों को 14 से 25 सीटों पर जीत का अनुमान लगाया गया है.

एग्जिट पोल से पता चलता है कि टीएमसी को पश्चिम बंगाल में कुल वोटों में से 42.1 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है, 2016 के विधानसभा चुनावों में बनर्जी की पार्टी को 44.9 फीसदी वोट मिले थे, इस साल के चुनाव में उसके वोट शेयर में 2.8 फीसदी की गिरावट आने की संभावना है.

बीजेपी का वोट शेयर सत्तारूढ़ टीएमसी के मुख्य चुनौती के रूप में उभरा है. बीजेपी को 2016 में 10.2 प्रतिशत वोट मिले थे. इसबार इसमें 29.0 प्रतिशत के बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. बीजेपी को 39 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. एग्जिट पोल से पता चलता है कि लेफ्ट और कांग्रेस का वोट शेयर संयुक्त रूप से 2016 में 38.6 प्रतिशत था, जोकि अब घटकर 22.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है.

आंकड़ों से पता चलता है कि बीजेपी ने राज्यों के सभी क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. डेल्टा क्षेत्र में 26 सीटों में से बीजेपी 12 और टीएमसी 14 सीटों पर जीत रही है.

वहीं टीएमसी के गढ़, ग्रेटर कोलकाता क्षेत्र में, भाजपा 56 में से 17 सीटें जीत सकती है. एग्जिट पोल के अनुसार टीएमसी यहां 38 सीट जीत सकती है. कांग्रेस और उसके गठबंधन के सहयोगी ग्रेटर कोलकाता क्षेत्र में एक सीट जीतने का अनुमान लगाया. हाइलैंड क्षेत्र की 53 सीटों में से भाजपा को 24, टीएमसी को 26 और कांग्रेस गठबंधन तीन सीट जीत सकती है. (IANS)