West Bengal, West Bengal Governor, Jagdeep Dhankhar, Coochbehar, post-poll violence, West Bengal violence:  पश्‍च‍िम बंगाल (West Bengal) में चुनाव के बाद post-poll violence हुई हिंसा का जायजा लेने कूचबिहार (Coochbehar) में पहुंचे राज्यपाल (Governor) जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने आज गुरुवार को कहा, ”चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव हुआ. हिंसा केवल बंगाल में ही क्यों हुई? सरकारी तंत्र ने मुझे जानकारी नहीं दी. मैंने निर्णय किया कि मैं हर संभव कदम उठाऊंगा, जिससे लोगों का हौसला बढ़े. राज्‍यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा, संविधान को सुरक्षित रखना, संरक्षण और उसको रखना मेरा दायित्‍व है. Also Read - TMC में जाते ही Mukul Roy का गृह मंत्रालय को पत्र, बोले- अपना सिक्योरिटी कवर हटा लो

बता दें कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ के कूचबिहार जिले में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों के निर्धारित दौरे की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को उन्हें पत्र लिखकर दावा किया था कि संबंधित कदम क्षेत्रों के दौरे के मामले में उनके पूर्ववर्ती राज्यपालों द्वारा अपनाए गए दीर्घकालिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन है. “यह मेरा कर्तव्य है कि हम संविधान की रक्षा, रक्षा और रक्षा करें. सीएम ममता ने बनर्जी ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया था कि धनखड़ राज्य सरकार के अधिकारियों से सीधे बात कर रहे हैं और उन्हें आदेश दे रहे हैं, जबकि उन्होंने पूर्व में उनसे ऐसा न करने का आग्रह भी किया था.

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा था, ” मुझे सोशल मीडिया से पता चला कि आप 13 मई को एकतरफा ढंग से कूचबिहार जा रहे हैं, दुखद, मुझे लगता है कि यह पिछले कई दशकों से चले आ रहे दीर्घकालिक नियमों का उल्लंघन है.” उन्होंने राज्यपाल से कहा था, ”इसलिए, मैं उम्मीद करूंगी कि आप प्रोटोकॉल के भली-भांति स्थापित नियमों का पालन करेंगे, और क्षेत्रों के दौरों के संबंध में मनमाने फैसलों से बचेंगे.” मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के गृह विभाग की प्रोटोकॉल नियमावली का संदर्भ दिया जिनके अनुसार राज्यपाल के दौरों को सरकार से आदेश लेने के बाद राज्यपाल के सचिव द्वारा अंतिम रूप दिया जाता है. बता दें कि राज्यपाल ने मंगलवार को कहा था कि वह कूचबिहार जिले में चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों का 13 मई को दौरा करेंगे. गौरतलब है कि बीते दिनों मुख्‍यमंत्री ने कहा था कि बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा में कम से 16 लोगों की मौतें हुईं हैं.