West Bengal, Governor, Jagdeep Dhankhar, Mamata Banerjee, CBI, TMC, MLA, TMC Minister, Narada sting operation, News:  पश्चिम बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ ने दो मंत्र‍ियों और एक टीएमसी विधायक और एक पूर्व नेता की गिरफ्तारी के बाद राज्‍य की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी, पुलिस और प्रशासन के रवैये को लेकर नाराजगी जताई है. राज्‍यपाल ने ममता बनर्जी को चेताते हुए संवैधानिक मानदंडों का पालन करने के लिए कहा है. राज्‍यपाल ने कहा पूरी तरह से अराजकता है पुलिस व प्रशासन मौन मोड में है. आशा है कि आप इस तरह की अराजकता और संवैधानिक तंत्र की विफलता के परिणामों को महसूस करेंगे. मिनट दर मिनट स्‍थ‍ित‍ि बिगड़ती जा रही है. Also Read - यूपी से नदी में बहकर बंगाल आ रहे शव, हमारी सरकार कर रही अंतिम संस्कार: ममता बनर्जी

बता दें कि नारद मामले में राज्य के दो मंत्रियों तथा तृणमूल के एक विधायक की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सीबीआई कार्यालय पहुंचीं. उन्‍होंने सीबीआई की कार्रवाई पर विरोध जताया है, वहीं सीबीआई ऑफिस के बाहर टीएमसी समर्थकों ने हंगामा किया है. पथराव भी किया है. इस पर सुरक्षा बलों ने लाठी चार्ज भी किया है. Also Read - बीजेपी सांसद ने की बंगाल को दो भागों में बांटने की मांग, कहा- जंगलमहल अलग राज्य बने

पश्चिम बंगाल में सोमवार को नारद स्टिंग मामले में सीबीआई टीएमसी मंत्री फिरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर सोवन चटर्जी से सीबीआई कार्यालय में पूछताछ कर रही है. सीबीआई ने तृणमूल कांग्रेस के तीन विधायकों और पार्टी के एक पूर्व नेता को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी इन नेताओं और एक अन्य आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करेगी. Also Read - बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय के खिलाफ केंद्र ने शुरू की अनुशासनात्मक कार्यवाही, जानें वजह

कानून और व्यवस्था बहाल करने की अपील
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा, सीएम ममता बनर्जी का ध्यान आकर्षित किया है, मैंने चैनलों पर और सार्वजनिक डोमेन में सीबीआई कार्यालय में आगजनी और पथराव देखा. दयनीय है कि कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस तो सिर्फ मूकदर्शक बनी है. आपसे कार्रवाई करने और कानून और व्यवस्था बहाल करने की अपील है.

स्थिति को बिगड़ने दिया जा रहा है
राज्‍यपाल ने ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल पुलिस, बंगाल के गृह मंत्री और कोलकाता पुलिस को ट्वीट करते हुए संवैधानिक मानदंडों और कानून के शासन का पालन करने के लिए आह्वान करने के लिए कहा है. राज्‍यपाल ने कहा, कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सभी कदम उठाने चाहिए. पुल‍िस प्रशासन  अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण स्थिति को बिगड़ने दिया जा रहा है.

राज्‍यपाल  ने कहा- आप संवैधानिक तंत्र की विफलता के परिणामों को महसूस करेंगी
राज्‍यपाल ने ममता बनर्जी को ट्वीट किया है, पूरी तरह गैरकानूनी और अराजतकता है. पुलिस और प्रशासन साइलेंस मोड पर है. उम्‍मीद है कि आशा है कि आप इस तरह की अराजकता और संवैधानिक तंत्र की विफलता के परिणामों को महसूस करेंगी. मिनट दर मिनट बिगड़ती जा रही है. मिनट दर मिनट बिगड़ती जा रही इस विस्फोटक स्थिति को प्रतिबिंबित करने और नियंत्रित करने का समय आ गया है.

चार नेता ममता की पि‍छली सरकार में मंत्री थे
नारद स्टिंग मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने तृणमूल कांग्रेस के तीन विधायकों और पार्टी के एक पूर्व नेता को गिरफ्तार किया है जांच एजेंसी इन नेताओं और एक अन्य आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करेगी. नारद स्टिंग मामले में कुछ नेताओं द्वारा धन लिए जाने के मामले का खुलासा हुआ था. केंद्रीय जांच एजेंसी ने मामले के संबंध में तृणमूल कांग्रेस के नेता फरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी और मदन मित्रा के साथ पार्टी के पूर्व नेता शोभन चटर्जी को कोलकाता में सोमवार सुबह गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि ये सभी चार नेता 2014 में कथित अपराध के दौरान मंत्री थे. आईपीएस अधिकारी एसएमएच मिर्जा मामले में पांचवे आरोपी हैं और फिलहाल वह जमानत पर हैं.

मुख्यमंत्री ममता सीबीआई के दफ्तर पहुंचीं
केंद्रीय जांच ब्यूरों द्वारा तृणमूल कांग्रेस के नेता गिरफ्तार किए जाने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता में निजाम पैलेस स्थित सीबीआई के दफ्तर पहुंचीं और तृणमूल नेताओं को रिहा करने की मांग की, जो 2019 में तत्कालीन कोलकाता पुलिस के तत्कालीन आयुक्त राजीव कुमार से पूछताछ करने के सीबीआई के कदम के खिलाफ उनके विरोध की याद ताजा करती है. टीएमसी सीबीआई कार्यालय के बाहर

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री रह चुके चार नेता अरेस्‍ट 
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि बनर्जी की कार्रवाई जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपे जाने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले में दखल के समान है. दिल्ली में सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने कहा, सीबीआई ने आज पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री रहे चार (पूर्व) नेताओं को नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में गिरफ्तार किया…. आरोप है कि इन लोकसेवकों को स्टिंग ऑपरेशन के दौरान कैमरे पर गैरकानूनी रूप से धन लेते हुए पकड़ा गया था.” उन्होंने बताया कि अभियोजन के लिए मंजूरी मिलने के बाद पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा रहा है.

राज्यपाल ने मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी
सीबीआई ने हकीम, मुखर्जी, मित्रा और चटर्जी के अभियोजन की मंजूरी के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ से संपर्क किया था. उन्होंने बताया कि धनखड़ ने सात मई को सभी चारों नेताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी, जिसके बाद सीबीआई ने अपने आरोप पत्र को अंतिम रूप दिया और उन्हें गिरफ्तार किया.

स्टिंग ऑपरेशन में लाखों रुपए लेते हुए कैद हुए थे मंत्री और सांसद और व‍िधायक 
हकीम, मुखर्जी और मित्रा हाल में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में विधायक चुने गए हैं, जबकि चटर्जी ने भाजपा में शामिल होने के लिए तृणमूल को छोड़ा और उनके दोनों पार्टियों से संबंध हैं. नारद टीवी न्यूज चैनल के मैथ्यू सैमुअल ने 2014 में कथित स्टिंग ऑपरेशन किया था, जिसमें तृणमूल कांगेस के मंत्री, सांसद और विधायक लाभ के बदले में कंपनी के प्रतिनिधियों से कथित तौर पर धन लेते नजर आए. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि हकीम ने स्टिंग ऑपरेटर से पांच लाख रुपए रिश्वत लेने की बात स्वीकारी जबकि मित्रा और मुखर्जी को कैमरे पर पांच-पांच लाख रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया. चटर्जी को स्टिंग ऑपरेटर से चार लाख रुपए लेते हुए देखा गया. सीबीआई के अनुसार मिर्जा को भी कैमरे पर पांच लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया. यह टेप पश्चिम बंगाल में 2016 के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सार्वजनिक हुआ था. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने स्टिंग ऑपरेशन के संबंध में मार्च 2017 में सीबीआई जांच का आदेश दिया था.