West Bengal Elections 2021: विधायक पद छोड़ने के दो दिन बाद, पश्चिम बंगाल के विधानसभाध्यक्ष बिमान बनर्जी ने कहा कि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है. विधानसभाध्यक्ष बिमान बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के विधायक शुभेंदु अधिकारी का इस्तीफा प्रक्रियागत खामियों के कारण स्वीकार नहीं किया गया है. Also Read - West Bengal Assembly Election: कांग्रेस का ममता बनर्जी को बड़ा ऑफर, कहा- पश्चिम बंगाल में मिलकर चुनाव लड़े TMC, बीजेपी से...

सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. इससे पहले, अधिकारी ने पिछले महीने 27 नवंबर को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले राज्य मंत्रिमंडल से मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इससे दो दिन पहले हुगली रिवर ब्रिज कमिश्नर (एचआरबीसी)के अध्यक्ष पद को भी छोड़ दिया था. Also Read - West Bengal Assembly Election 2021 News: ममता ने शुभेंदु के पिता को इस अहम पद से हटाया, भाजपा नेता के धुर विरोधी को मिली जिम्मेदारी

पश्चिम बंगाल विधान सभा अध्यक्ष ने कहा, “मैंने उनके लेटर की जांच की है और पाया है कि इसमें तारीख निर्दिष्ट नहीं है. मुझे सूचित नहीं किया गया था कि उनका (सुवेन्दु अधिकारी) इस्तीफा स्वैच्छिक और वास्तविक है. इसलिए इसे स्वीकार करना संभव नहीं है. मैंने उन्हें 21 दिसंबर को मेरे सामने पेश होने के लिए कहा है.” Also Read - 'ममता बनर्जी अपना बैग पैक कर रहीं हैं, पश्चिम बंगाल में सत्ता में नहीं रह पाएंगी कायम'

उल्लेखनीय है कि अधिकारी नंदीग्राम आंदोलन के चेहरा रहे हैं जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राजनीतिक बढ़त मिली और वह वर्ष 2011 में पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज हुईं. पार्टी सूत्रों ने बताया कि अधिकारी ने अपना इस्तीफा बृहस्पतिवार दोपहर बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को भेजा.

अधिकारी ने लिखा, ‘‘ मैं अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता और मेरे द्वारा ग्रहित पार्टी में और इससे जुड़े निकायों के पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं.’’

बंगाल के अंदर सुवेंदु को मिली जेड-सुरक्षा

गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुवेंदु अधिकारी को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई. एमएचए के एक अधिकारी ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल के अंदर सुरक्षा की उच्च श्रेणी प्रदान की गई है. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) उन्हें बुलेट प्रूफ वाहनों के साथ ले जाएंगे. अधिकारी ने कहा, “हालांकि, जब वह पश्चिम बंगाल से बाहर होंगे, तो उन्हें सीआरपीएफ द्वारा वाई-प्लस सुरक्षा कवर प्रदान किया जाएगा.”