West Bengal News:भाजपा के पूर्व मंत्री और आसनसोल से सांसद बाबुल सुप्रियो ने आज ममता बनर्जी के तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ ब्रायन की मौजूदी में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की. बता दें कि पिछले महीने बाबुल सुप्रियो ने अचानक ही भाजपा से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था और राजनीति से संन्यास लेने का एलान कर दिया था, लेकिन एक महीने के बाद ही बाबुल सुप्रियो ‘दीदी’  ममता के पास चले आए हैं और आज वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए.Also Read - Bengal Lockdown Update: त्योहारी सीजन को देखते हुए बंगाल में लॉकडाउन पाबंदियों में दी गई ढील, जानें नई गाइडलाइंस

राजनीति छोड़ने का फैसला गलत था-बाबुल सुप्रियो Also Read - Bhabanipur bypolls: कलकत्ता HC ने किया रोक से इनकार, 30 को ही होगा भवानीपुर उपचुनाव, भाजपा को झटका-दीदी खुश

राजनीति से संन्यास के बारे में बाबुल सुप्रीयो ने कहा कि मैंने कहा था कि मैं राजनीति छोड़ दूंगा तो इसका मतलब मेरे दिल से था. हालांकि, मुझे लगा कि एक बहुत बड़ा अवसर मुझे (टीएमसी में शामिल होने पर) सौंपा गया था. मेरे सभी दोस्तों ने कहा कि राजनीति छोड़ने का मेरा फैसला गलत और भावनात्मक था. Also Read - West Bengal By Election 2021: तीन सीटों पर 30 सितंबर को डाले जाएंगे वोट, सार्वजनिक अवकाश घोषित

उन्होंने कहा कि मुझे बहुत गर्व है कि मैं अपना फैसला बदल रहा हूं. मैं बंगाल की सेवा करने के महान अवसर के लिए वापस आ रहा हूं. मैं बहुत उत्साहित हूँ और मैं सोमवार को दीदी (सीएम ममता बनर्जी) से मिलूंगा. गर्मजोशी भरे स्वागत से अभिभूत हूं.

तृणमूल ज्वाइन करने के बाद बाबुल सुप्रीयो ने कहा कि दीदी और अभिषेक ने मुझे बहुत अच्छा मौका दिया है. चूंकि मैं टीएमसी में शामिल हो गया हूं, इसलिए आसनसोल में अपनी सीट पर बने रहने का कोई मतलब नहीं है. मैं आसनसोल की वजह से राजनीति में आया हूं. मैं उस निर्वाचन क्षेत्र के लिए यथासंभव प्रयास करूंगा.

बाबुल सुप्रियो के तृणमूल कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद पार्टी के नेता कुणाल घोष ने कहा है कि अभी आगे-आगे देखिए होता है क्या. भाजपा के कई नेता टीएमसी में आएंगे. वो वहां संतुष्ट नहीं हैं.

बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार से पहले बाबुल सुप्रियो ने 7 जुलाई को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था. सुप्रियो ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए लिखा था कि मुझे इस्तीफा देने को कहा गया और मैंने ऐसा किया.

सुप्रियो ने कहा था कि मुझे इस बात की खुशी है कि आज मैं भ्रष्टाचार के किसी दाग के बिना जा रहा हूं . मैंने अपनी पूरी शक्ति के साथ अपने क्षेत्र के लोगों की सेवा की और आसनसोल के लोगों ने दोबारा सांसद के रूप में वोट देकर मुझपर भरोसा जताया.