West Bengal News: ज्यादातर दुर्घटनाएं रात के समय या सुबह के शुरूआती घंटों में ड्राइवरों की अत्यधिक थकान के कारण होती हैं. दुर्घटनाओं को कम करने के मकसद से कोलकाता ट्रैफिक पुलिस ने पुरुषों को गर्म चाय पिलाने का फैसला किया है. कोलकाता पुलिस का यह फैसला शव ले जा रहे एक ट्रक के सड़क किनारे खड़े रोहड़ी से लदे ट्रक से टकराने के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. हालांकि, शुरू में यह संदेह था कि चालक नशे में था, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया था कि पेट में शराब नहीं मिली थी. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “चूंकि चालक की मृत्यु हो गई, यह पता लगाना असंभव है कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था, लेकिन हमारे अनुभव से यह कहा जा सकता है कि इस बात की पूरी संभावना है कि चालक गाड़ी चलाते समय सो गया होगा. ऐसा कभी-कभी थके हुए ड्राइवरों के साथ होता है, जो हाईवे पर गाड़ी चलाते हैं. ज्यादातर मामलों में वे पूरी रात ट्रक चलाते हैं और जिस कारण उन्हें नींद आती है. थकान उनका सबसे बड़ा दुश्मन है.”Also Read - BSF के बेड़े में शामिल हुए 3 नए फ्लोटिंग बार्डर आउट-पोस्ट स्वदेशी जहाजों का बेड़ा, देखें फोटो

पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि अत्यधिक थकान के कारण वाहन चालकों को नींद आती है. यह देखा गया है कि कई मामलों में चालक को दिन भर सोने का भी समय नहीं मिलता है और जिस कारण यह घातक दुर्घटनाओं का कारण बनता है. गायक कालिकाप्रसाद या पुलिस अधिकारी देबोश्री चट्टोपाध्याय की दुर्घटना के हालिया मामले जहां उन दोनों की मृत्यु हो गई, इसके ज्वलंत उदाहरण हैं.” थके हुए हाथों को एनर्जी देने के लिए कोलकाता ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें चाय पिलाने का फैसला किया है. Also Read - Shahdara Gang Rape Case: कथित सामूहिक बलात्कार और बदसलूकी मामले में गिरफ्तार 11 में से 9 महिलाएं

कोलकाता यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा “कभी-कभी उन्हें रुकना पड़ता है, क्योंकि उनके कागजात की जांच करने की आवश्यकता होती है. उन्हें कुछ समय मिलता है. इसलिए, वे बीच में चाय पी सकते हैं. हमने उन्हें चाय की पेशकश करने का फैसला किया है, जब हम उनके कागजात की जांच कर रहे होंगे. यह न केवल एक स्वागत योग्य है, बल्कि यह ड्राइवरों और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है.” Also Read - West Bengal में कोविड-19 RTPCR टेस्‍ट का रेट घटा, लगभग आधे रुपए देने होंगे

एक अनुमान के मुताबिक पिछले तीन महीनों में कोलकाता और उसके आसपास ड्राइवर के सो जाने के कारण 32 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. इन हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई. सर्दी के मौसम में कोहरे के कारण हादसों की संख्या बढ़ जाती है. अधिकारी ने कहा, “हम ड्राइवरों के साथ खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके.”

(इनपुट आईएएनएस)