Who is Sukanta Majumdar: भारतीय जनता पार्टी के 41 वर्षीय सांसद सुकांत मजूमदार को पश्चिम बंगाल भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है. अब भाजपा की कमान बंगाल में सुकांत मजूमदार (Sukanta Majumdar) ही सांभलने वाले हैं. वहीं दिलीप घोष को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. 6 वर्षों तक बंगाल भाजपा की कमान संभालने वाले दिलीप घोष को अब राष्ट्रीय भाजपा उपाध्यक्ष बनाकर उनकी जिम्मेदारियों को और बढ़ा दिया गया है. सुंकात मजूमदार ने बंगाल भाजपा का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद यह साफ कर दिया है कि वे गलतियों को सुधारने पर काम करेंगे.Also Read - UP Election 2022: BSP के 'जाटव' वोटों में सेंध की तैयारी में BJP, मायावती के खिलाफ प्रत्याशी के नाम पर मुहर

कौन हैं सुकांत मजूमदार
सुकांत मजूमदार एक सक्रिय RSS कार्यकर्ता हैं. उन्होंने साल 2019 लोकसभा चुनाव में अर्पिता घोष को बलूरघाट सीट से 33 हजार वोटों से मात दी थी. सुकांत की गिनती भाजपा के उन शांत नेताओं में की जाती है जो कभी विवादित या भड़काऊ भाषण नहीं देते हैं. वे हमेशा इस तरह की बयानबाजी से बचते हैं. वहीं विधानसभा चुनाव में जब पीएम मोदी और अमित शाह ने प्रचार का जिम्मा संभाला था तब सुकांत मजूमदार कई अक्सर उनके साथ स्टेज साझा करते नजर आते थे. माना जाता है कि सुकांत दिलीप घोष के काफी करीबी हैं और दिलीप घोष ने ही सुकांत मजूमदार की सिफारिश केंद्रीय नेतृत्व से की थी. Also Read - PM मोदी पांच नवंबर को केदारनाथ जाएंगे, 250 करोड़ रुपए की केदारपुरी परियोजना शुरू करेंगे

सुकांत मजूमदार ही क्यों?
भाजपा के सूत्रों की मानें तो सुकांत मजूमदार, जिनकी उम्र 41 साल है. वे पार्टी के सबसे कम उम्र के युवा अध्यक्ष हैं. वहीं सुकांत मजूमदार को पार्टी में हो रहे दलबदल को रोकने के लिए व संगठन में मजबूती बनाए रखने के लिए उन्हें लाया गया है. बता दें कि विधानसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत की उम्मीद थी लेकिन ऐसा न हो सका. हार मिलने के बाद पार्टी में दलबदल शुरू हो चुकी है. ऐसे में कई विधायकों व भाजपा के नेताओं ने टीएमसी ज्वाइन कर लिया है. ऐसे में वर्तमान में भाजपा के पास बंगाल में केवल 71 सीटें ही बची हैं. Also Read - देश में जनसंख्या असंतुलन बड़ी समस्या, 50 साल के लिए नीति बने: RSS चीफ मोहन भागवत

क्यों हटाए गएं दिलीप घोष?
टीएमसी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर दिलीप घोष को साल 2015 में बंगाल भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया था. वे भाजपा के अबतक के सबसे सफर भाजपा अध्यक्ष साबित हुए हैं. पार्टी के नेतृत्व में उन्होंने लोकसभा चुनाव में 18 सीटों पर जीत दिलाई वहीं विधानसभा चुनाव में भी भाजपा का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा. पार्टी में अध्यक्ष के रूप में बड़ी अंतर्कलह एक बड़ी समस्या के रूप में उभरी थी. भाजपा की राज्य इकाई में दो लॉबी है जिसका नेतृत्व दिलीप घोष और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यान मुकुल रॉय कर रहे थे. वहीं भाजपा में शुभेंदु अधिकारी के शामिल होने के बाद पार्टी में गुटबाजी और बढ़ गई. इस गुटबाजी को रोकने के लिए पार्टी ने दिलीप घोष को बंगाल भाजपा के अध्यक्ष पद से हटाया है.