west bengal assembly election 2021 निर्वाचन आयोग की तरफ से मतगणना कक्ष में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों अथवा उनके एजेंट के लिए उनके पास कोरोना जांच की नेगेटिव रिपोर्ट होने को अनिवार्य किए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को इस बात पर हैरानी जताई कि निर्वाचन अधिकारियों और केंद्रीय सशस्त्र बलों के लिए यह व्यवस्था लागू नहीं की गई. पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी ने चुनाव आयोग को दिए एक पत्र में यह भी कहा कि इस फैसले से उन हजारों केंद्रीय बलों का जीवन और स्वास्थ्य में खतरे में आएगा जो मतगणना कक्षों के बाहर तैनात होंगे.Also Read - परिजनों के साथ घूमने आए युवक ने पश्चिम बंगाल के दीघा में की आत्महत्या

निर्वाचन आयोग की तरफ से मतगणना वाले दिन के लिए बुधवार को जारी नये दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि किसी भी प्रत्याशी या उनके एजेंटों को कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट दिखाए बिना उन सभागारों में प्रवेश नहीं मिलेगा जहां मतगणना की जा रही होगी. कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि की पृष्ठभूमि में बुधवार को जारी इन दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि प्रत्याशी या उनके एजेंट जिन्हें कोविड-19 टीके की दोनों खुराकें लग चुकी हैं वे भी दो मई को मतगणना कक्षों में प्रवेश कर सकते हैं. Also Read - अपनी ही पार्टी पर आरोप लगाते पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसद अर्जुन सिंह, बोले- मुझे काम नहीं करने दिया जा रहा

आगामी दो मई को असम, पश्चिम बंगाल, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में डाले गए मतों की गिनती होनी है. इसके अलावा लोकसभा और अन्य विधानसभाओं के लिए हुए उपचुनावों में डाले गए मतों की गिनती भी होगी. Also Read - बंगाल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने मांगी माफी, ट्वीट में कर दी थी बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर

तृणमूल कांग्रेस ने कहा, ‘‘मतगणना कक्ष में प्रवेश के लिए चुनाव एजेंट, मतगणना एजेंट और उम्मीदवारों के लिए कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट सौंपने को अनिवार्य किया गया है. बहरहाल, यह हैरान करने वाली बात है कि चुनाव अधिकारियों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया.’’

उसने कहा, ‘‘मतगणना केंद्रों के बाहर 23-24 हजार केंद्रीय पुलिस बल के जवान तैनात होंगे. हैरानी इस बात की है कि इन सुरक्षा बलों के लिए पीपीई किट का इस्तेमाल करने और कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट सौंपने का कोई प्रावधान नहीं है. इससे इनके जीवन और स्वास्थ्य को खतरा पैदा होगा.’’

तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्रीय बलों की सुरक्षा को लेकर बेपरवाह है. उसने यह मांग भी की है कि ईवीएम के वोटों की गिनती से पहले मतपत्रों की गिनती पूरी की जाए.

(इनपुट भाषा)