थाईलैंड के उत्‍तरी हिस्‍से में बाढ़ग्रस्‍त गुफा में 17 दिन से फंसे 10 बच्‍चों को अब तक निकाला जा चुका है. गुफा में 12 बच्‍चे और उनके फुटबॉल कोच दो सप्‍ताह से ज्‍यादा समय से फंसे हुए हैं. दसवें बच्‍चे को सुरक्षित निकालने के बाद अब भी दो बच्‍चे ओर कोच गुफा के अंदर हैं. इधर, थाईलैंड के शाही दूतावास के डिप्‍टी चीफ ऑफ मिशन और मंत्री ने इस अभियान में भारत की भूमिका के लिए उसका धन्‍यवाद किया है.

अभियान के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि टीम से जुड़ने से पहले कोच एक बौद्ध भिक्षु थे और उन्‍होंने योग सीखा हुआ है. गुफा के अंदर पूरी दुनिया से दूर पानी से घिरे बच्‍चों का मनोबल बनाए रखने के लिए कोच ने योग का ही सहारा लिया. उन्‍होंने आगे बताया कि थाईलैंड को बौद्ध धर्म की शिक्षा सैकड़ों साल पहले भारत से ही मिली थी जब भगवान बुद्ध वहां गए थे. बच्‍चों को सुरक्षित बचाने में कोच का योग ज्ञान काम आया और इसके लिए उन्‍होंने भारत का शुक्रिया अदा किया.

शाही दूतावास के डिप्‍टी चीफ ने यह भी बताया कि बच्‍चों के फंसने के बाद से उन्‍हें भारतीयों की ओर से हजारों की संख्‍या में मैसेज मिले हैं, जिनमें बच्‍चों की सुरक्षा की दुआ मांगी गई है. उन्‍होंने कहा कि अभियान में भारत की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.

थाम लौंग गुफा से रविवार को पहले सफल अभियान के दौरान चार बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था, जबकि बचाव अभियान के दूसरे दिन सोमवार को चार और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. मंगलवार को अब तक दो बच्‍चों को निकाला जा चुका है.