संयुक्त राष्ट्र. महाराष्ट्र और गुजरात समेत देश के कई राज्य बारिश की कमी के कारण सूखे के कहर से जूझ रहे हैं. महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके में तो पिछले कई वर्षों से लोगों को जलसंकट से जूझना पड़ रहा है. वहीं, गुजरात के कई जिलों में भी पानी की कमी मीडिया में रोज सुर्खियां बन रही हैं. इसके अलावा, बिहार में भी एक दर्जन से ज्यादा जिलों में जलसंकट खतरनाक संकेत देने लगा है. खासकर उत्तर बिहार के जिलों में प्राकृतिक जलस्रोतों की प्रचुर संख्या के बावजूद लोगों को भीषण जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है. भारत के बाहर भी कई ऐसे देश हैं जहां बारिश की कमी ने चिंताजनक हालात पैदा कर दिए हैं. सोमालिया जैसे देश में तो बारिश न होने के कारण पड़े सूखे की वजह से 20 लाख लोगों पर मौत का खतरा मंडरा रहा है. हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि संयुक्त राष्ट्रसंघ ने दुनिया के तमाम देशों से सोमालिया के लोगों की जान बचाने की अपील की है. Also Read - Accident, UP: Agra-Lucknow Expressway पर Kannauj में कार-ट्रक भिड़ंत में 6 लोगों की मौत, ग्रेटर नोएडा में वाहन टकराए

संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के एक आपात राहत समन्वयक ने कहा कि यदि सोमालिया को तुरंत अंतरराष्ट्रीय मदद नहीं भेजी गई तो गर्मी के मौसम के अंत तक 20 लाख से अधिक पुरुष , महिलाएं और बच्चों की भुखमरी से मौत हो सकती है. यूएन के अंडरसेक्रेटरी – जनरल मार्क लोकॉक ने कहा कि सूखा पड़ने के बाद सोमालिया को करीब 70 करोड़ डॉलर की जरूरत है. बारिश नहीं होने से पशुओं की मौत हो रही है और फसल बर्बाद हो चुकी है. Also Read - FDI News: 2020 में भारत में एफडीआई 13 फीसदी बढ़ा, ब्रिटेन और अमेरिका में तेजी से घटा: संयुक्त राष्ट्र

उन्होंने कहा कि यूएन के केंद्रीय आपदा राहत कोष ने सूखे से प्रभावित इथियोपिया और केन्या के साथ-साथ सोमालिया में दैनिक आवश्यकता की चीजों, पानी और खाने की कमी को पूरा करने के लिए 4.5 करोड़ डॉलर की राशि आवंटित की है. मार्क ने कहा कि सोमालिया की आबादी 1.5 करोड़ है, इसमें से 30 लाख लोग सिर्फ भोजन की न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. भोजन की कमी की स्थिति पिछली सर्दियों की तुलना में काफी खराब हो गई है. भारत समेत दुनिया के कई देशों में जलसंकट की गंभीर होती जा रही स्थिति के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र की इस चेतावनी पर तुरंत गौर करने की जरूरत है. भारत में, जहां कई राज्यों में जलसंकट की स्थिति पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले गंभीर होती जा रही है, सरकार को फौरन कारगर योजना बनानी होगी, ताकि सोमालिया जैसे हालात न बनें. Also Read - India Weather Forecast: पूरे उत्तर भारत में शीत लहर से बढ़ी ठिठुरन, कश्मीर में बर्फबारी तो दिल्ली में बारिश की संभावना

(इनपुट – एजेंसी)