60161-lakhv-7इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए आतंकवादी हमले की साजिश के मुख्य आरोपी जकिउर रहमान लखवी को हिरासत में रखने के आदेश को सोमवार को निलंबित कर दिया। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गयी हैं। साथ ही कई सारे सवाल भी खड़े हो रहे हैं। ज्ञात हो कि इस आतंकी हमले पर पाकिस्तान हमेशा से ही अपना पल्ला झाड़ता रहा हैं। वही इस आंतकी हमले के जख्म आ भी मुंबईकरों के नहीं भरे हैं। Also Read - Pakistan Lockdown Viral Video: पाकिस्तान में लॉकडाउन के चलते नमाज रोकने पहुंची थी पुलिस, भीड़ ने दौड़ाकर किया यह हाल

बता दे कि जियो न्यूज’ के अनुसार, यह आदेश सोमवार को न्यायमूर्ति नूर-अल-हक कुरैशी ने दिया. लखवी को पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधक अदालत के न्यायाधीश सैय्यद कौसर अब्बास जैदी ने 18 दिसम्बर को जमानत दी थी, लेकिन उसे 19 दिसम्बर को एक बार फिर व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित धारा के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था। Also Read - पाकिस्तान: कोरोना से लड़ाई में बाधा बनी तब्लीगी जमात की गतिविधियां, मुख्यालय में मिले 27 कोरोना संक्रमित

इससे पहले अपील के बाद लखवी के वकील रिजवान अब्बासी ने बताया, ‘एमपीओ के तहत हिरासत को चुनौती देते हुए आज जकीउर रहमान लखवी ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।’ उन्होंने कहा, ‘लखवी की हिरासत के मामले में कानूनी जरूरतों को पूरा नहीं किया गया। इसके अलावा सरकार ने इस मामले में जिस कानूनी आधार का हवाला दिया है वह टिकने योग्य नहीं हैं। Also Read - Covid 19: पाक में हिंदुओं को सरकारी राशन तक नहीं दिया जा रहा, भूखे रहने की नौबत

ज्ञात हो कि लखवी को मुंबई हमले के एक मात्र जिंदा पकड़े गए आतंकवादी अजमल कसाब के बयान पर फरवरी 2009 में पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया था।कसाब को आतंकवादी हमले के लिए भारत की जेल में 21 नवंबर, 2012 को फांसी दे दी गई थी.

लखवी ने बीते बुधवार को एमपीओ के तहत अपनी हिरासत को खत्म करने की मांग करते हुए पाकिस्तान सरकार के समक्ष आवेदन दायर किया था।

यह पूछे जाने पर कि जब ऊपरी अदालतें दो सप्ताह के शीतकालीन अवकाश के तौर पर आठ जनवरी तक बंद हैं, तो लखवी ने कैसे इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की तो उसके वकील ने कहा, ‘हिरासत तत्काल स्थिति का मामला है और अदालतें छुट्टियों के दौरान भी ऐसे मामलों पर गौर करती हैं।’

उधर, सरकार लखवी की जमानत को चुनौती देने में नाकाम रही है। सरकार का कहना है कि न्यायाधीश ने आदेश की प्रति जारी नहीं की है।

उल्लेखनीय है कि लखवी को जमानत के फैसले को लेकर भारत ने आलोचना की थी और इस पर बहुत सारे लोगों को हैरानी हुई कि यह आदेश उस वक्त आया जब इसके कुछ दिन पहले ही पेशावर के सैनिक स्कूल में तालिबान के हमले में 148 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकांश बच्चे थे।

मुंबई हमले के मामले में पाकिस्तान में लखवी के अलावा अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, हम्माद अमीन सादिक, शहीद जमील रियाज, जमील अहमद और यूनुस अंजुम को अभियुक्त बनाया गया है। मुंबई के प्रमुख स्थानों पर आतंकवादियों ने 26 नवंबर, 2008 को हमला किया था जिसमें 166 लोग मारे गए थे।