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नैरोबी, 2 दिसंबर | उत्तरी केन्या के मंडेरा नगर स्थित एक पत्थर खदान में हमले में 36 श्रमिकों की मौत हो गई। इस घटना की जिम्मेदारी सोमालियाई आतंकवादी संगठन अल शबाब ने ली है। इस घटना के बाद केन्या के राष्ट्रपति उहुरू केन्यत्ता ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध को तेज करने का प्रण लिया है। अल जरीरा ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि बंदूकधारियों ने खदान में मुस्लिम और गैर-मुस्लिमों को अलग कर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। Also Read - योग के लिए केन्या से आई युवती से ऋषिकेश में गाइड बनकर किया रेप, आरोपी अरेस्ट

22 नवंबर को एक बस पर हुए हमले के घटनास्थल से इस खदान की दूरी मात्र 30 किलोमीटर है। बस पर हुए हमले में भी आतंकवादियों ने 28 गैरमुस्लिमों को मौत के घाट उतार दिया था। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक केन्या की पुलिस ने उत्तरी केन्या की इस पत्थर खदान में तड़के सुबह हुए हमले में 36 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है।  मंडेरा प्रांत के पुलिस कमांडर नूह मविवान्दा ने बताया कि खदान कर्मियों को बंदूकधारियों के एक समूह ने रात में एक बजे खदान में सोते समय मार डाला। यह इलाका सोमालिया और मंडेरा प्रांत की सीमा से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। Also Read - 157 लोगों को ले जा रहा इथियोपिया का विमान केन्या में क्रैश, किसी के बचने की संभावना नहीं

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आतंकवादियों के पास भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार थे। खदान में हमला सोमवार की रात केन्या के शहर वाजिर के एक नाइट क्लब में हमले के बाद हुआ। आतंकियों ने इस हमले में इमारत पर ग्रेनेड फेंके और गोलियां बरसाईं, इस हादसे में एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य घायल हो गए। अल शबाब के आतंकियों ने बाद में मंगलवार को सोमालिया के दक्षिणी तटीय शहर किस्मायो से एक बयान जारी कर मंडेरा प्रांत में हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अल शबाब के प्रवक्ता शेख अली मोहम्मद रेग के बयान के हवाले से कहा, “मुजाहिदीन ने सोमवार आधी रात मंडेरा के बाहर कोरोमेय में एक अन्य सफल अभियान चलाया। जिसमें सालेह नभन टुकड़ी की एक इकाई ने धावा बोलकर करीब 40 केन्याई जिहादियों को मौत के घाट उतार दिया।” आतंकवादियों ने कहा कि हालिया हमला मुस्लिम जमीन पर केन्या के कब्जे एवं केन्या के तटीय शहर मोम्बासा और सोमालिया में मुस्लिमों पर ढाए जा रहे अत्याचारों की प्रतिक्रिया है।

केन्या के राष्ट्रपति ने कहा कि केन्या के पिछले दो दशकों से भी अधिक समय के इतिहास को आतंकियों, डाकुओं और चरमपंथियों ने हत्या, और हिंसा के अधीन कर दिया है। उन्होंने कहा, “आज के हमले में मंडेरा में कमजोर लोगों को निशाना बनाया गया है, इसमें 32 केन्याई नागरिकों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों की मंशा देश में जातीय और धर्म के आधार पर दुश्मनी पैदा करना है, और इस देश के कुछ भागों से गैर मुस्लिमों को बाहर भगाना है।”

इस संबंध में केन्या पुलिस के प्रनुख डेविड किमायो ने मंगलवार को 34 साल तक सेवा करने के बाद इस्तीफा सौंपा है।  किमायो ने नैरोबी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, यह इस्तीफा उनका निजी फैसला है, साथ ही उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति उहुरू केन्यत्ता ने उनके इस्तीफे को मंजूर कर लिया है