खुदाई में मिला था 6 करोड़ साल पुराना डायनासोर, मगर करोड़ों में उसका कंकाल क्यों खरीदना चाह रहे अरबपति

अमेरिका में मिले 6.7 करोड़ साल पुराने T-Rex के कंकाल की अब करोड़ों रुपये में नीलामी होने जा रही है. अरबपति इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, लेकिन वैज्ञानिकों इसे लेकर गहरी चिंता जताई है.

Written by: Ikramuddin
Published: July 14, 2026, 11:29 PM IST

दुनिया की सबसे खतरनाक प्रजाति की बात होती है तब दिमाग में डायनासोर का नाम जरूर आता है, जिन्होंने करोड़ों सालों तक धरती पर राज किया. मगर धीरे-धीरे इनकी जनसंख्या घटती गई और करीब 6.7 करोड़ साल पहले ये विलुप्त हो गए. मगर अभी डायनासोर की एक ऐसी ही प्रजाति टायरानोसॉरस रेक्स यानी T-Rex एक बार फिर चर्चा में है. दरअसल इस विशाल डायनासोर का एक बेहद खास कंकाल अब नीलामी के लिए तैयार है. इसकी कीमत इतनी ज्यादा लगाई जा रही है कि बड़े-बड़े अरबपति भी इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. अनुमान है कि इस कंकाल की बोली करीब 2 से 3 करोड़ डॉलर यानी लगभग 1.92 से 2.88 अरब रुपये तक जा सकती है.

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करोड़ों साल पुराना कंकाल

इस T-Rex कंकाल को ‘गस’ नाम दिया गया है. यह करीब 6.7 करोड़ साल पुराना माना जा रहा है. इसे अमेरिका के साउथ डकोटा राज्य के हार्डिंग काउंटी में एक जमीन से खोजा गया था. साल 2021 में शुरू हुई खुदाई के बाद इसे बाहर निकालने में करीब तीन साल का समय लगा. इसके बाद इसे वैज्ञानिक तरीके से तैयार करके एक पूरे कंकाल के रूप में खड़ा किया गया. मालूम हो कि T-Rex को दुनिया के सबसे खतरनाक डायनासोर में गिना जाता है. इसके बड़े-बड़े दांत, मजबूत जबड़े और विशाल शरीर इसे अपने समय का सबसे ताकतवर शिकारी बनाते थे. यह डायनासोर करीब 6.6 से 6.8 करोड़ साल पहले धरती पर मौजूद था. माना जाता है कि उस समय यह अपने इलाके में सबसे ऊपर के शिकारी जीवों में शामिल था.

जल्द होने वाली नीलामी

अब इस कंकाल की नीलामी न्यूयॉर्क के मशहूर नीलामी घर सोथबीज में होने वाली है. अगर यह अनुमानित कीमत पर बिकता है तो यह दुनिया के सबसे महंगे डायनासोर जीवाश्मों में शामिल हो जाएगा. इससे पहले 2024 में एक स्टेगोसॉरस का कंकाल करीब 4.46 करोड़ डॉलर में बिका था. हालांकि इस नीलामी को लेकर वैज्ञानिकों में चिंता भी है. कई फॉसिल एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतने महंगे जीवाश्म जब निजी हाथों में चले जाते हैं तो वैज्ञानिकों के लिए उन पर शोध करना मुश्किल हो सकता है. उनका कहना है कि डायनासोर के जीवाश्म सिर्फ सजावट की चीज नहीं हैं, बल्कि ये धरती के पुराने इतिहास को समझने का जरिया हैं.

वैज्ञानिकों को किस बात की है चिंता

वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे दुर्लभ जीवाश्मों को म्यूजियम या शोध संस्थानों में रखा जाना चाहिए, ताकि दुनिया भर के वैज्ञानिक उन पर अध्ययन कर सकें. अगर कोई निजी व्यक्ति इसे खरीद लेता है तो भविष्य में इस पर रिसर्च की पहुंच सीमित हो सकती है. हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स ये भी मानते हैं कि निजी कंपनियों और लोगों की वजह से कई ऐसे जीवाश्म जमीन से बाहर आ पाए हैं, जो शायद कभी खोजे ही नहीं जाते. उनका कहना है कि अगर खरीदने वाला व्यक्ति इसे म्यूजियम को दान कर दे या लोगों के देखने के लिए उपलब्ध करा दे तो यह विज्ञान और आम लोगों दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है.

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