बीजिंग: पूर्वी चीन के शिंगदाओ प्रांत में इन दिनों एक सात साल का बच्चा घर-घर जाकर सामान डिलिवर करता है. सोशल मीडिया पर छा चुके इस बच्चे की वजह से चीन में एक बार फिर बढ़ती गरीबी को लेकर बहस छिड़ गई है. इस बच्चे ने खुद एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया है कि वह रोजाना 30 पार्सल्स डिलिवर करता है.Also Read - शिवसेना का निशाना, कहा- BJP को चीन की ‘घुसपैठ’ के बारे में भी बोलना चाहिए, ना कि सिर्फ पाकिस्तान के बारे में

Also Read - India-China की 14वें दौर की सैन्‍य कमांडर स्‍तर की वार्ता विफल, लेकिन दोनों देश आगे बातचीत पर सहमत

चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर वायरल हो रहे इस बच्चे के वीडियो को देखने के बाद लोगों ने इस बच्चे को लिटिल ली नाम दिया है. बताया जा रहा है ये बच्चा अनाथ है. लिटिल ली जब तीन साल का था तभी से यान शिफांग नाम का एक शख्स उसकी देखरेख करता है. यान शिफांग ली के पिता के साथ काम करते थे और वह खुद भी डिलिवरी बॉय हैं. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक ली पिता का देहान्त हो चुका है. उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली है और उसके साथ संपर्क खत्म कर दिया. Also Read - पश्चिमी मोर्चे पर पड़ोसी पाकिस्‍तान के मंसूबे उजागर, उत्‍तरी में चीन के लिए हमने मजबूत तैयारी की है: आर्मी चीफ

यह भी पढ़ें: बिहार में जन्मा अद्भुत बच्चा, एक शरीर और सिर दो

यान, ली के पिता के अच्छे दोस्त थे. इसलिए वह उनके देहांत के बाद ली का पालन पोषण कर रहे हैं. यान बताते हैं कि डिलिवरी के समय वह ली को अपने साथ ले जाते थे और वह इस काम को बहुत एंजॉय करता था. वह लोगों को उनके पार्सल्स उठाकर देता था. अब लिटिल ली भी शिंगदाओ के शाइबे जिले में रोजाना 30 पार्सल डिलिवर करके सोशल मीडिया स्टार बन गया है. लिटिल ली ने एक इंटरव्यू में बताया कि वह अपने काम से बहुत खुश है और बड़ा होकर वह डिलिवरी ब्वाय बनना चाहता है.

li 2

शिंगदाओ चेस असोसिएशन के डायरेक्टर वांग शिंगवे ने ली से मिलने के बाद सबसे पहले उसकी कहानी पोस्ट की।.वांग ने चीन के एक अखबार को बाद में बताया कि कैसे ली ने उन्हें एक बड़ा सा पार्सल मुश्किलों से पकड़ाया और कन्फर्मेशन स्लिप पर साइन करने को कहा. ली की कहानी सुनने के बाद कई लोगों ने चीनी शहरों में बाल श्रम की स्वीकार्यता को लेकर सवाल उठाए. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बच्चे के लिए पैसे भी डोनेट किए हैं ताकि उसे स्कूल भेजा जा सके. वहीं दूसरी तरफ अब शिंगदाओ के शाइबे जिले की सरकार ने बच्चे की मां को खोज शुरू कर दी है.