बर्लिनः जर्मनी की एक अदालत ने अपने एक फैसले में कहा है कि शराब पीने के बाद होने वाली खुमारी अपने आप में एक बीमारी है. अदालत ने यह फैसला खुमारी को उतारने वाला पेय बनाने वाली एक कंपनी के खिलाफ सुनाया है. फ्रैंकफुर्त में अदालत ने सोमवार को सुनाए गए फैसले में कहा कि प्रतिवादी द्वारा पेय पदार्थ बताकर बाजार में जो पेय बेचा जा रहा है, वह ऐसे पदार्थो की बिक्री पर प्रतिबंध का उल्लंघन करता है जो किसी बीमारी को रोकने या उसके इलाज का दावा करते हैं .

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अदालत ने कहा कि वह इस पेय पदार्थ को पहचान कर उसे कोई नाम नहीं दे सकती. कंपनी इसे ‘एंटी हेंगओवर ड्रिंक’ बताकर बेच रही थी. निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने यह फैसला सुनाया. जजों ने मामले में यह पाया कि अगर हेंगओवर बीमारी है तो लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के हित में बीमारी की व्यापक संदर्भो में व्याख्या की जानी चाहिए.

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अदालत ने यह भी कहा कि शरीर की सामान्य अवस्था या सामान्य गतिविधि में हल्का सा भी बदलाव दर्शाने वाला कोई लक्षण भी बीमारी कहा जा सकता है. अदालत का कहना था कि कंपनी हेंगओवर को एक बीमारी बताकर उसके इलाज के लिए एंटी हेंगओवर ड्रिंक बेच रही है लेकिन उसने इसकी विस्तृत व्याख्या नहीं की है कि हेंगओवर कैसे एक बीमारी है. अदालत ने कहा कि शराब पीने के बाद होने वाला सिरदर्द तथा अन्य लक्षण भी बीमारी की ही निशानी है.