Covid-19: कोरोना वायरस ने एक बार फिर से पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है और अब वैज्ञानिक इसे लेकर परेशान हैं कि आखिर ये वायरस आया कहां से? अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के एक समूह ने चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पिछले सप्ताह एक जांच रिपोर्ट जारी करने के बाद बुधवार को फिर से Covid -19 की एक नई जांच शुरू की है, जिसमें निष्कर्ष निकाला गया कि वायरस किसी लैब से नहीं बल्कि वन्यजीवों से फैला है.Also Read - महाराष्ट्र में कोरोना वायरस 3,640 नए मामले, संक्रमण से तीन लोगों की हुई मौत

इस बैठक के बाद यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के चौबीस वैज्ञानिकों ने एक खुला पत्र जारी किया, जिसे द न्यूयॉर्क टाइम्स ने प्रकाशित किया है. द हिल द्वारा बताई गई अधिक व्यापक जांच को पूरा करने के लिए उठाए गए कदमों का विश्लेषण किया गया था. Also Read - CoronaVirus In India Latest Update: कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, एक दिन में मिले 18,819 नए कोरोना मरीज, 39 लोगों की मौत

वैज्ञानिकों ने जो पत्र जारी किया है उसके मुताबिक”इस  महामारी की उत्पत्ति किसी एक देश में हुई, ये कहना सही नहीं है. क्योंकि अबतक की हुई जांच में ये पता नहीं चल सका है कि इस वायरस की उत्पत्ति कहां हुई और इसने किस तरह से तबाही मचानी शुरू की है. इसीलिए हमें इस वायरस  को लेकर यह समझने की कोशिश करने में कोई कसर नहीं छोड़ना है कि यह तबाही कैसे शुरू हुई, इसलिए हम प्रयासों को प्राथमिकता दे सकते हैं. सभी लोगों और सभी देशों के लिए इसके बारे में पता करना जरूरी है. Also Read - बिहार में कोरोना की तेज रफ्तार, पटना के बेउर जेल में 37 कैदी कोरोना पॉजिटिव निकले

हिल के मुताबिक. डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट की आलोचना की जा रही है जिसमें उन्होंने कहा है कि “महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और जैविक नमूने जो महामारी की उत्पत्ति में आवश्यक अंतर्दृष्टि प्रदान कर सकते हैं, वे दुर्गम हैं.”

वैज्ञानिकों ने कोविड ​​-19 की उत्पत्ति का अध्ययन करने के लिए डब्ल्यूएचओ या राष्ट्रों के एक अन्य समूह द्वारा जैव सुरक्षा और जैव सुरक्षा विशेषज्ञों से संबंधित एक जांच का अनुरोध किया, जो पहली बार 2019 में वुहान, चीन में रिपोर्ट किया गया था.

डब्लूएचओ की रिपोर्ट ने निर्धारित किया कि एक लैब से वायरस आने की संभावना “बेहद असंभावित” थी, इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया कि किसी भी लैब में कोई भी संबंधित वायरस नहीं था.

अटलांटिक काउंसिल के एक वरिष्ठ साथी, जेमी मेट्ज़ल,  ने कहा है कि कोविड के अधिक और गहन जांच को नए सिरे से करना होगा. अब दुनिया भर की प्रयोगशालाओं में इस वायरस के लिए किए गए अध्ययन और प्रतिबंधों की अधिक निगरानी की आवश्यकता है और इसपर विचार किया जाना चाहिए. मेट्जल ने कहा कि इसकी शुरुआत चीन में हुई ये कहना सही नहीं है.

बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक टीम ने जनवरी और फरवरी के 27 दिन वुहान (चीन) में बिताए थे और वहां यह पता लगाने की कोशिश की कि कोविड-19 आखिर आया कहां से? इस टीम ने जो रिपोर्ट सौंपी उसमें ये पूरी तरह से खारिज कर दिया था कि चीन के वुहान से ये वायरस फैला था.