कोलंबो: श्रीलंका में अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सोमवार को रिकॉर्ड 35 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया. इस चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना पूर्व रक्षा मंत्री और विपक्ष के प्रमुख उम्मीदवार गोतबाया राजपक्षे का समर्थन करेंगे. सिरिसेना ने शनिवार को विपक्ष के नेता महिंदा राजपक्षे से अहम बातचीत की थी. उन्होंने गोतबाया की उम्मीदवारी का समर्थन करने का फैसला किया है जो अब सत्तारूढ़ यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के प्रत्याशी सजीत प्रेमदासा के खिलाफ विपक्ष के प्रमुख उम्मीदवार हैं.

सिरिसेना की फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) ने राजपक्षे की पीपुल्स पार्टी से फूल की कली का चुनाव चिन्ह छोड़ने की मांग की है ताकि एक समान चिन्ह के तहत चुनाव लड़ा जा सके. बहरहाल, एसएलपीपी के सूत्रों ने बताया कि एसएलपीपी ने अनुरोध को नजरअंदाज कर दिया है क्योंकि पार्टी अपने चिन्ह के तहत जमानत राशि पहले ही जमा कर चुकी है.

अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक पार्टियों और निर्दलीय समूहों के रिकॉर्ड 41 उम्मीदवारों ने चुनाव के लिए रविवार को नकद जमानत राशि जमा कराई. यह इतिहास में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की सबसे बड़ी संख्या है. उन्होंने बताया कि कुल 41 उम्मीदवारों ने जमानत राशि जमा कराई है लेकिन छह ने अपना नामांकन दाखिल नहीं किया. जमानत राशि जमा कराने की समयसीमा रविवार दोपहर 12 बजे खत्म हो गई और 41 उम्मीदवारों में सिरिसेना का नाम शामिल नहीं है. उन्होंने जमानत राशि जमा नहीं कराई है.

इसके अलावा, 1982 के बाद पहली बार हो रहा है जब मौजूदा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या विपक्ष का नेता चुनाव नहीं लड़ रहा है. राष्ट्रपति सिरिसेना, प्रधानमंत्री रनिल विक्रसिंघे, और मुख्य विपक्षी नेता महिंदा राजपक्षे अलग अलग कारणों से चुनाव मैदान में नहीं है. उम्मीदवार 12 नवंबर तक प्रचार करेंगे और 16 नवंबर को चुनाव होना है.