ढाकाः बांग्लादेश ने 1975 के तख्तापलट में संलिप्तता के मामले में सेना के एक पूर्व कैप्टन को फांसी दे दी. तख्तापलट में बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या कर दी गई थी. ‘बीडी न्यूज24.कॉम’ की खबर के अनुसार अब्दुल मजीद को आज रात स्थानीय समयानुसार 12 बजकर एक मिनट पर केरानीगंज में ढाका केन्द्रीय कारागार में फांसी के फंदे पर लटका दिया गया. Also Read - Global Hunger Index में भारत 94वें स्थान पर, राहुल बोले- सरकार अपने खास 'मित्रों' की जेबें भरने में लगी

जेलर महबूब उल इस्लाम ने कहा कि मजीद को फांसी देकर मौत की नींद सुला दिया गया. लगभग 25 साल तक भारत में छिपे रहने के बाद उसे मंगलवार को ढाका से गिरफ्तार किया गया था. शुक्रवार को मजीद की पत्नी और चार अन्य संबंधियों ने जेल में उससे दो घंटे मुलाकात की थी. राष्ट्रपति अब्दुल हामिद ने मंगलवार को उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसे फांसी देने का रास्ता साफ हो गया था. Also Read - भारत और बांग्लादेश के बीच 28 अक्टूबर से बहाल होगी विमान सेवा, ये होंगे नियम

माजिद तख्तापलट के आरोपों के बाद से लगातार भारत में रह रहा था उसने इस बात का खुलासा पुलिस के सामने किया. उसने बताया कि वह पिछले 20 साल  से अधिक समय से भारत में पश्चिम बंगाल के कोलकाता में रह रहा था.

आपको बता दें कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना  बांग्लादेश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की बेटी हैं. मुजीबुर रहमान की अगुवाई में ही बांग्लादेश को पाकिस्तान से मुक्ति मिली थी. वह देश के पहले राष्ट्रपति थे. 15 अगस्त 1975 को उनकी हत्या कर दी गयी थी.