नई दिल्ली: स्वीडन में भारतीय-अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत विनायक बनर्जी (Abhijit Vinayak Banerjee) को अर्थशास्त्र में योगदान के लिए नोबेल (Nobel) पुरस्कार प्राप्त हुआ. इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी एस्थर डुफ्लो (Esther Duflo) और सहकर्मी माइकल क्रेमर (Michael Kremer) भी मौजूद रहें. तीनों को “वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए प्रायोगिक दृष्टिकोण (experimental approach to alleviating global poverty)” विषय पर विस्तृत शोध के लिए सम्मानित किया गया. सम्मान समारोह में अभिजीत बनर्जी काले रंग के बंदगले और ऑफ-व्हाइट धोती में दिखे. इस दौरान अभिजीत काफी अच्छे दिख रहे थे. इस दौरान उनकी पत्नी डफ्लो ने नीली साड़ी पहनी हुई थी. उनके दोस्त और साथी नोबेल विजेता माइकल क्रेमर ने काले रंग का सूट पहना था.

समारोह में तीनों अर्थशास्त्रियों को पदक से सम्मानित किया गया साथ ही उन्हें 9 मिलियन स्वीडिश क्रोन (6.7 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि भी दी गई. बता दें कि अभिजीत बनर्जी का जन्म मुंबई में हुआ था. अर्थशास्त्र के क्षेत्र में यह दूसरी बार हुआ है जब किसी भारतीय को नोबल पुरस्कार दिया गया है. इससे पहले अर्थशास्त्र के क्षेत्र में यह पुरस्कार अमर्त्य सेन (Amartya Sen) को मिल चुका है. बनर्जी कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज के पूर्व छात्र भी हैं. अमर्त्य सेन ने भी इसी कॉलेज से अपनी पढ़ाई की थी. अभिजीत बनर्जी और पत्नी एस्थर डुफ्लो मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर हैं, जबकि क्रेमर हार्वर्ड विश्वविद्यालय (Harvard University) में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं.

नोबेल प्रशस्ति पत्र के अनुसार, सभी तीन नोबेल पुरस्कार विजेताओं द्वारा किए गए व्यापक शोध से वैश्विक गरीबी का मुकाबला करने की क्षमता में सुधार करने में मदद मिलेगी. इसमें यह भी कहा गया है कि प्रयोग आधारित दृष्टिकोण विकास अर्थशास्त्र को बदलने में मदद कर सकता है. अन्य अर्थशास्त्रियों का कहना है कि तीनों का प्रयास विकास अर्थशास्त्र को “पुनर्परिभाषित” करने में मदद करेगा और भविष्य में गरीबी उन्मूलन की दिशा में बहुत सारे सकारात्मक परिणाम देगा.

पुरस्कार जीतने के कुछ दिनों बाद अभिजीत बनर्जी ने एक बातचीत में कहा कि गरीबी जैसे मुद्दों को दबाने के लिए राष्ट्रवाद का सहारा लिया जाता है. यह लोगों का ध्यान खींचता है. खासकर भारत जैसे देश में. बनर्जी ने भारत में ग्रामीण संकट के समाधान के लिए न्यूनतम गारंटी योजना सहित कई विचार साझा किए है.