अफगानिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्ताव में युद्धग्रस्त देश पर तालिबान के कब्जे के बाद उससे जुड़ी भारत की प्रमुख चिंताओं को शामिल किया गया है. इस मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्तियों ने मंगलवार को यह बताया.Also Read - Afghanistan: US ने काबुल में ड्रोन हमले को बताया भूल, माना 10 नागरिक मारे गए थे, IS आतंकी नहीं

ऊपर उद्धृत लोगों ने बताया कि यूएनएससी प्रस्ताव 2593 ‘‘इस समय’’ अफगानिस्तान से संबंधित भारत की प्रमुख चिंताओं को संबोधित करता है. उन्होंने कहा कि भारत ने इसे पारित किया जाना सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाई. Also Read - चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा अफगानिस्तान, भारत पहले की तरह ही अफगानों के साथ खड़ा रहेगा: एस जयशंकर

उन्होंने कहा कि भारत पिछले कुछ दिनों से इस मामले पर यूएनएससी के प्रमुख सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में था और विदेश मंत्री एस जयशंकर की अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान भी इस मामले पर बात की गई थी. Also Read - Tim Paine के बयान से खफा Asghar Afghan ने लिखा खुला पत्र, 'हम टॉप-10 देशों से कंधे से कंधा मिलाकर खेल रहे...'

भारत की अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें मांग की गई है कि अफगानिस्तान के क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी देश को धमकी देने या आतंकवादियों को पनाह देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए.

प्रस्ताव में उम्मीद जतायी गई है कि तालिबान अफगानों और सभी विदेशी नागरिकों के देश से सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से जाने देने के संबंध में उसके द्वारा जताई गई प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा.