Afghanistan Crisis: अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद तालिबानी खेमे में जश्न का माहौल है. इस बीच तालिबान ने पाकिस्तान की नापाक उम्मीदों को फिर से करारा झटका दिया है और सीधे तौर पर कह दिया है कि हमारी नीतियां स्पष्ट हैं, हम कश्मीर मामले में किसी भी तरह की दखल नहीं देंगे. भारत से हम अच्छे संबंध चाहते हैं. इस साथ ही तालिबान ने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को भी स्पष्ट कर दिया है.Also Read - कौन हैं स्नेहा दुबे? UNGA में इमरान खान को जमकर लगाई फटकार, दुनिया के सामने खोलकर रख दी पाकिस्तान की पोल

तालिबान ने कहा-कश्मीर मामले में हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे Also Read - UNGC में भारत ने पाक के कश्‍मीर राग अलापने और गिलानी को शहीद को बताने पर किया पलटवार

सीएनएन-न्यूज18 के साथ बातचीत में तालिबान के हक्कानी नेटवर्क के संस्थापक जलालुद्दीन हक्कानी के सबसे छोटे बेटे और तालिबानी नेता अनस हक्कानी ने कहा कि हम कश्मीर के मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे. कश्मीर मामले पर हक्कानी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि कश्मीर हमारे अधिकार क्षेत्र का हिस्सा नहीं है और यह हमारे हस्तक्षेप नीति के खिलाफ हम अपनी नीति के खिलाफ कैसे जा सकते हैं? इसलिए यह स्पष्ट है कि हम कश्मीर में हस्तक्षेप नहीं करेंगे. Also Read - जो बाइडन ने PM मोदी से कहा- भारत को सुरक्षा परिषद का स्‍थाई सदस्‍य होना चाहिए, आतंकवाद और तालिबान पर कहीं ये बात

हमारे बारे में नकारात्मक प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है

अनस हक्कानी ने कहा कि हम इस पर कई बार स्पष्ट कर चुके हैं और फिर से कह रहे हैं कि हक्कानी नेटवर्क जैश और लश्कर को कश्मीर मसले पर समर्थन नहीं देगा और इस बारे में जो भी बातें की जा रही हैं, वो महज एक प्रोपेगेंडा है. हमारे बारे में बहुत सारे नकारात्मक प्रोपेगेंडा बनाया जा रहा है, यह सब गलत है.

भारत से अच्छे संबंध चाहते हैं

भारत के साथ संबंधों पर उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं और हम नहीं चाहते कि कोई हमारे बारे में कोई गलत सोचे. भारत ने 20 सालों तक हमारे दुश्मन की मदद की है, मगर अब हम सब कुछ भूलकर रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि हम सबके लिए काम कर रहे हैं. दुनिया भर में और विशेष रूप से भारत में मीडिया हमारे बारे में काफी नकारात्मक प्रचार कर रहा है और इससे दोनों देशों के बीच का माहौल खराब हो रहा है. युद्ध में कभी भी किसी पाकिस्तानी हथियार का इस्तेमाल नहीं किया गया था और इस तरह की बातें, ये आरोप गलत और निराधार हैं.