वाशिंगटन: पाकिस्तान ने अमेरिका के अनुरोध पर अफगानिस्तान शांति वार्ता में तेजी लाने में मदद के लिए तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को रिहा कर दिया. अफगानिस्तान में अमेरिका के विशेष दूत जल्माय खलीलजाद ने यह जानकारी दी. ‘डॉन न्यूज’ के मुताबिक, दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के लगभग एक महीने के शांति मिशन से अमेरिका लौटे खलीलजाद ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने तालिबान के साथ अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के लिए शर्तो पर चर्चा की, लेकिन इस मुद्दे पर अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है.

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वार्ता की आवश्यकता
यहां ‘युनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस’ (यूएसआईपी) में खलीलजाद ने स्वीकार किया कि अमेरिका और तालिबान पिछले महीने दोहा में एक फ्रेमवर्क समझौते पर पहुंच गए, लेकिन एक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए और अधिक वार्ता की आवश्यकता है. अमेरिका-तालिबान वार्ता को सहज बनाने में पाकिस्तान की भूमिका के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद ने एक रचनात्मक भूमिका निभाई है और ‘मेरे अनुरोध पर’ मुल्ला बरादर को रिहा कर दिया.

बेहतर संबंध चाहते हैं
खलीलजाद ने कहा कि उन्होंने बरादार की रिहाई का अनुरोध किया क्योंकि उनका मानना था कि वरिष्ठ तालिबान नेता भी अफगान शांति पहल में एक रचनात्मक भूमिका निभा सकता है. शांति वार्ता को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना करते हुए खलीलजाद ने कहा, “पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण देश है और हम पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं.” पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि पिछले महीने अमेरिका और तालिबान के बीच हुई बातचीत सभी पक्षों के लिए ‘बड़ी कूटनीतिक जीत’ थी. मुल्ला बरादर को पाकिस्तान में गत अक्टूबर माह में रिहा किया गया. (इनपुट एजेंसी)

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