काबुल: आफगानिस्तान में कार्यवाहक सरकार का गठन किया जा चुका है. इस सरकार में अधिकतर बड़े पदों पर ऐसे लोगों को रखा गया है जिन्हें UN ने आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल किया है. वहीं कई ऐसे लोग हैं जो FBI के लिए मोस्ट वॉन्टेड हैं और उनपर 73 करोड़ रुपये तक का ईनाम भी रखा गया है. बता दें मुल्ला मोहम्मद हसन अखुनंद को प्रधानमंत्री बनाया गया है. सरकार के 33 में से 5 लोगों को UN नें आतंकी घोषित कर रखा है.Also Read - बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र में कहा- अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान से वापस लौटा, अब कोई नया युद्ध नहीं चाहता

वहीं अफगानिस्तान के खुफिया विभाग बात करें तो इसका मुखिया एक खतरनाक शख्स है जिसे ग्वांतनामों बे से रिहा किया गया था. दरअसल खुफिया विभाग का प्रमुख अब्दुल हक वासि को बनाया गया है. वासिक को साल 2014 में बराक ओबामा सरकार ने ग्वांतनामों बे से रिहा किया था. वासिक पहले भी तालिबान में इंटेलीजेंस का डिप्टी मिनिस्टर रह चुका है. Also Read - अफगानिस्तान में तालिबान ने IPL प्रसारण पर रोक लगाई, स्टेडियम में मौजूद लड़कियों को बताया वजह

बता दें कि ताज मीर जावेद जिसे कई देशों की सुरक्षा और इंटेलीजेंस अधिकारियों ने सुसाइड बॉम्बर्स का हेड बताया है. काबुल में यह कई खतरनाकर आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार है. सरकार के 33 सदस्यों में इसे काफी अहम माना जा रहा है. Also Read - तालिबान ने महिलाओं का मंत्रालय हटाया, पूरी तरह से पुरूष सदस्यों वाले मंत्रालय का किया गठन