इस्लामाबाद: यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय एयरलाइन को कम से कम छह महीने तक यूरोप में उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह फैसला पाकिस्तान के के विमानन मंत्री के इस वक्तव्य के बाद आया हे कि लगभग एक तिहाई पाकिस्तानी पायलटों ने पायलट की अपनी परीक्षा धोखाधड़ी से पास की है. Also Read - 'सेवा ही संगठन' कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी- तारीफ के हकदार हैं बिहार के भाजपा कार्यकर्ता

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) के प्रवक्ता अब्दुल्ला हफीज ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण पीआईए यूरोप के लिए उड़ान नहीं भर रही है, लेकिन विमानन कंपनी को अगले दो महीनों के भीतर ओस्लो, कोपेनहेगन, पेरिस, बार्सिलोना और मिलान के लिए फिर से उड़ान शुरू करने की उम्मीद की थी. उन्होंने पायलट धोखाधड़ी कांड के बारे में कहा, ‘‘हमें वास्तव में बहुत बुरा लग रहा है.’’ Also Read - Pakistan Coronavirus latest Update: पाकिस्तान में कोरोनावायरस के 3,387 नए मामले सामने आए, संक्रमितों की संख्या 2 लाख 25 हजार से अधिक

यूरोपीय संघ के बाद अब युनाइटेड नेशनन्स डिपार्टमेंट फॉर सेफ्टी एंड सिक्योरिटी (यूएनडीएसएस) ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके नकली पायलट घोटाले के बाद संयुक्त राष्ट्र कर्मियों की यात्रा के लिए पाकिस्तान पंजीकृत हवाई ऑपरेटरों के उपयोग को रोकने का निर्देश दिया है. Also Read - विराट कोहली ने शुरू किया वर्कआउट; खोला अपनी फिटनेस का राज

इसके अलावा ब्रिटेन ने भी तत्काल प्रभाव से इस पर रोक लगा दी है. यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र और वियतनाम के बाद, अब यूनाइटेड किंगडम ने भी पाकिस्तान और ब्रिटेन के बीच संचालित पीआईए उड़ानों को निलंबित कर दिया है. यूके सिविल एविएशन अथॉरिटी ने PIA को तत्काल प्रभाव से उड़ान भरने की अनुमति निलंबित कर दी है.

बता दें कि कराची में 22 मई को एक पीआईए विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के चलते 97 लोगों की मौत की जांच में पता चला कि पाकिस्तान में 860 पायलटों में 260 ने अपनी पायलट परीक्षा में धोखाधड़ी की थी, लेकिन फिर भी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने उन्हें लाइसेंस दे दिए. पाकिस्तान की सरकार ने नियामक एजेंसी के चार अधिकारियों को निकाल दिया है और दोषियों पर मुकदमा चलाया जा रहा है.

यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि वह पाकिस्तानी पायलटों के लाइसेंस की वैधता को लेकर चिंतित है और ऐसे में पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार परिचालन और विमानों की देखरेख करने में सक्षम नहीं है.