होर्मुज स्ट्रेट के बाद अब इस अहम समुद्री रूट के बंद होने का खतरा! क्या ईरान के समर्थन में जंग छेड़ेगा हूती?

Bab al-Mandeb Strait: बाब अल-मंडेब जलमार्ग यमन और जिबूती के बीच स्थित है. ये संकरा समुद्री रास्ता केवल 26-29 किलोमीटर चौड़ा है. स्वेज नहर के माध्यम से यूरोप और एशिया के बीच व्यापार के लिए जहाज इसी रास्ते से गुजरते हैं.

Published date india.com Published: March 15, 2026 1:18 PM IST
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

US-Israel vs Iran War: अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान जंग के कारण पश्चिम एशिया का माहौल पहले से ही खराब है. होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस टैंकरों का आवाजाही लगभग ठप है. होर्मुज के बंद होने का असर भारत सहित कई देशों में देखा जा सकता है. इस बीच आशंका जताई जा रही है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य भी बंद किया जा सकता है.

हूती विद्रोहियों ने दी धमकी

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि वे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को निशाना बनाकर क्षेत्रीय संघर्ष को और बढ़ा सकते हैं. हूती विद्रोही अब तक इस लड़ाई में सीधे नहीं उतरे हैं लेकिन अगर वह लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाते हैं तो ऊर्जा संकट और भी बढ़ सकता है.

ईरान की न्यूज एजेंसी ‘फार्स न्यूज’ के अनुसार, ईरान-समर्थित हूती विद्रोही अमेरिका तथा उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ युद्ध में शामिल हो सकते हैं. हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने पिछले सप्ताह ही संकेत दिया था कि उनका समूह ईरान के समर्थन में सैन्य कार्रवाई कर सकता है. हूती बाब अल-मंडेब मार्ग को बंद करने के प्रयास कर सकते हैं. यह एक संकरा जलमार्ग है जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और स्वेज नहर से आने-जाने वाले जहाजों के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता है.

कहां है बाब अल-मंडेब जलमार्ग?

बाब अल-मंडेब जलमार्ग यमन और जिबूती के बीच स्थित है. ये संकरा समुद्री रास्ता केवल 26-29 किलोमीटर चौड़ा है. स्वेज नहर के माध्यम से यूरोप और एशिया के बीच व्यापार के लिए जहाज इसी रास्ते से गुजरते हैं. बाब अल-मंडेब जलमार्ग भूमध्य सागर और हिंद महासागर के बीच की कड़ी है और वैश्विक समुद्री तेल का एक बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है.

यमन में अपना नियंत्रण मजबूत कर चुके हूती विद्रोही इस रास्ते से आने-जाने वाले जहाजों को पहले भी निशाना बना चुके हैं. यह क्षेत्र अत्यधिक अस्थिर और भू-राजनीतिक रूप से संवेदनशील है.

होर्मुज स्ट्रेट के क्या हालात हैं?

जंग के बीच ईरान ने दावा किया है कि महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता होर्मुज स्ट्रेट अभी भी खुला है और उस पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना के कमांडर अलीरेज़ा तंगसीरी ने एक बयान में कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिकी दावे गलत हैं. उन्होंने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को सैन्य रूप से बंद नहीं किया गया है बल्कि यह सिर्फ ईरान के नियंत्रण में है.

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इसी बात को दोहराया है. अराघची ने कहा है कि यह समुद्री रास्ता अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला है. लेकिन, अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के जहाजों के लिए नहीं. बता दें कि दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है.

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