'मिसाइलों के बाद ईरान पर बरसेगी दौलत...' पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर और 12 बिलियन के फ्रीज फंड होंगे रिलीज, जानें क्या है 14 बिंदुओं वाला पूरा समझौता

Written By: Vineet Sharan Updated by: Vineet Sharan
Updated Date:June 15, 2026 12:37 PM IST

Iran US 14-Point Agreement: ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ने अमेरिका-ईरान के बीच 14-सूत्रीय सहमति पत्र के मसौदे का विवरण प्रकाशित किया है.

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Iran US 14-Point Agreement: अमेरिका और ईरान 28 फरवरी को शुरू हुए 107 दिन पुराने टकराव को खत्म करने के लिए एक समझौते पर सहमत हो गए हैं. शुक्रवार (19) को स्विट्जरलैंड में इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर समाचार एजेंसी ने वॉशिंगटन और तेहरान के बीच 14-सूत्रीय सहमति पत्र (MOU) के मसौदे का विवरण प्रकाशित किया है.आइये जानते हैं इस एमओयू में क्या है.

मसौदे की बड़ी बातें

  • लेबनान समेत सभी मोर्चों पर स्थायी युद्धविराम
  • ईरान के अंदरूनी मामलों में दखल न देने का यूएस का वादा
  • 30 दिनों के भीतर होर्मुज और ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना
  • ईरान से अमेरिकी सेना की वापसी
  • 30 दिनों के भीतर "ईरान की व्यवस्था के तहत" होर्मुज को फिर से खोलना
  • अमेरिका और साथी देशों की ओर से ईरान के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की पुनर्निर्माण योजनाएं पेश करना
  • ईरानी तेल और ऊर्जा उत्पादों पर प्रतिबंध खत्म होगा
  • परमाणु हथियार न बनाने के ईरान के वादे को दोहराना
  • निगरानी तंत्र और यूएन सिक्टोरियी काउंसिल की मंजूरी.
  • इस क्षेत्र में अपनी सेना न बढ़ाने और नए प्रतिबंध न लगाने का अमेरिका का वादा

मेहर ने अपनी रिपोर्ट में यह भी दावा किया है कि अंतिम बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी जब तक ईरान का आधा फ्रीज किया गया फंड जारी नहीं हो जाता, ईरान पर तेल प्रतिबंध निलंबित नहीं हो जाते और नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटा ली जाती. जारी होने वाली फ्रीज फंड करीब 12 अरब डॉलर का होगा.

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यूएन ने किया समझौते का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान एक शांति समझौते की घोषणा का स्वागत किया है. यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने दी है. इस समझौते में तत्काल और स्थायी युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और आगे की बातचीत के लिए एक रूपरेखा तैयार करने की व्यवस्था है.

प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, यह संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक अहम कदम है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने शांति समझौते तक ले जाने वाली बातचीत का समर्थन करने में पाकिस्तान, कतर, मिस्र, सऊदी अरब, तुर्की और अन्य क्षेत्रीय देशों की रचनात्मक भूमिका की सराहना की है.

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