नई दिल्ली: गूगल के सीईओ भारतीय मूल के सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) को एक और नई जिम्मेदारी दी गई है. गूगल (Google) की पैरेंटल कंपनी एल्फाबेट (Alphabet) ने सुंदर पिचाई को अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त कर दिया है. पिचाई के प्रमोशन मात्र से ही निवेशकों से गूगल को फायदा होने लगा है. लैरी पेज (Larry Page) और सर्गेई ब्रिन (Sergey Brin) इससे पहले एल्फाबेट के सीईओ थें, हालांकि उन्होंने एक चिट्ठी लिखकर इस पद को त्यागने की बात कही. सुंदर पिचाई को कार्यभार मिलते ही कंपनी को 1.7 बिलियन डॉलर का लाभ हुआ. इसे कंपनी ने लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन के लिए रिटायरमेंट उपहार बताया है.

एल्फाबेट के पूर्व सीईओ सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज ने एक पत्र के जरिए अपने इस्तीफे का ऐलान किया. साथ ही उन्होंने कंपनी की जिम्मेदारी सुंदर पिचाई को दी. पत्र में कहा गया कि दोनों ही कंपनी के बोर्ड का हिस्सा रहेंगे और जरूरत के अनुसार कंपनी के लिए काम भी करते रहेंगे. उन्होंने बताया कि कंपनी अब आगे जा चुकी है और अब कंपनी को दो सीईओ की जरूरत नहीं है. हालांकि अभी भी दोनों के पास गूगल का 6-6 प्रतिशत शेयर है और वो विशेष वोटिंग के जरिए अभी भी अल्फाबेट को अपने कंट्रोल में ले सकते हैं.

बता दें, गूगल को बनाने में सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज का अहम योगदान है. अपने परिवार को समय देने के नाम पर दोनों ने अपना पद त्याग दिया जिसके बाद यह जिम्मेदारी सुंदर पिचाई को दी गई. यह भारतीयों के लिए बेहद गर्व की बात है कि दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी गूगल और उसकी पैरेंट कंपनी का प्रमुख एक भारतीय है. गौरतलब है कि गूगल की शुरुआत 1997 में की गई थी. साल 2015 में एल्फाबेट को बनाया गया. इसका मुख्य काम गूगल से प्रोजेक्ट्स की अगुवाई करना है.