वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि 16 जुलाई को अपने रूसी समकक्ष पुतिन व्लादिमीर पुतिन के साथ होने वाली बैठक में वह सीरिया, यूक्रेन, चुनावों और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करेंगे. व्हाइट हाउस और क्रेमलिन ने गुरुवार को ट्रंप और पुतिन की मुलाकात की घोषणा की थी. द्विपक्षीय संबंधों में सुधार एवं राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करने के मद्देनजर दोनों नेता फिनलैंड की राजधानी में मुलाकात करेंगे. Also Read - अमेरिका में हैंड सैनेटाइजर से गई चार की जान, सीडीसी ने इस बात को लेकर किया लोगों को किया सावधान

ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, ‘‘हम यूक्रेन पर बातचीत करेंगे, हम सीरिया पर बातचीत करेंगे, हम चुनावों पर बातचीत करेंगे, हम नहीं चाहते की चुनावों में कोई हस्तक्षेप हो. हम वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करेंगे.’’ Also Read - कोविड-19 टीके को स्वीकृति देने वाला पहला देश बनने जा रहा है रूस, पश्चिमी देशों की चिंताएं बढीं

पुतिन के साथ अगले माह होने वाली बैठक के सवाल पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम शांति पर चर्चा करेंगे. हम हथियारों पर खर्च किए जाने वाले लाखों डॉलरों को बचाने पर भी चर्चा कर सकते हैं. हम एक ऐसा बल तैयार कर रहे हैं जो पहले कभी किसी ने देखा नहीं होगा.’’ Also Read - जो बाइडेन कट्टरपंथी वाम एजेंडे का पालन कर रहे हैं और वह ईश्वर के खिलाफ हैं: डोनाल्‍ड ट्रंप

ट्रंप की पुतिन के साथ पहली शिखर वार्ता होगी. हालांकि दोनों नेता पिछले डेढ़ साल में दो बार मिल चुके हैं. अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन के रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात कर शिखर वार्ता की नींव रखने के बाद इसकी घोषणा की गई.

ट्रंप ने कहा कि मेरा मानना है कि रूस, चीन के साथ संबंध होना अच्छी बात है. रूस पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के सवाल को ट्रंप टालते दिखे. उन्होंने कहा, ‘‘हम देखेंगे रूस क्या करता है. हम रूस से कई मुद्दों पर बातचीत करने वाले हैं. हम उनसे सीरिया पर भी बातचीत करने वाले हैं.’’

नाटो के सवाले पर ट्रंप ने अपनी बात दोहरते हुए कहा कि अन्य देशों की तुलना में अमेरिका अधिक निवेश करता है. ट्रंप ने कहा, ‘‘नाटो काफी रोमांचक है, हम देखेंगे की वहां क्या होता है. जर्मनी को और अधिक खर्च करना होगा, स्पेन, फ्रांस. यह सही नहीं है जो उन्होंने अमेरिका के साथ किया है.’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी अन्य देश की तुलना में अधिक खर्च कर रहा है.