सैनिकों के खाने पर AI रखेगा नजर, भारत के पड़ोसी दुश्मन देश में 500 किलोमीटर दूर बैठे अधिकारियों की निगरानी में चलेगी रसोई

Written By: Vineet Sharan Updated by: Vineet Sharan
Updated Date:May 25, 2026 1:43 PM IST

AI-Powered Food Monitoring: चीन के 'पीपल्स आर्म्ड पुलिस किंगहाई कोर' ने अपने सैनिकों के लिए एआई पावर फूड मॉर्निटरिंग सिस्टम तैयार किया है.

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AI-Powered Food Monitoring: किसी भी विशाल सेना को पर्याप्त खाना मुहैया कराना आसान नहीं होता है. चीन ने अपने 20 लाख सैनिकों को उच्च गुणवत्ता का खाना बिना किसी मुश्किल से मुहैया कराने और पूरी प्रक्रिया का शिकायत मुक्त करने के लिए नया तरीका अपनाया है. चीन अब अपने सैनिकों के खाने पर एआई से नजर रखेगा. फिलहाल यह प्रयोग सिर्फ एक कोर में चल रहा है.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने अपनी सेना के लिए एआई पावर फूड मॉर्निटरिंग सिस्टम तैयार किया है.

कहां हो रहा ये प्रयोग

11 मई को सरकारी अखबार 'साइंस एंड टेक्नोलॉजी डेली' में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी चीन में 'पीपल्स आर्म्ड पुलिस किंगहाई कोर' ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया है.

बड़ी बातें

  • -इस प्लेटफॉर्म में 6 मुख्य हिस्से और 56 मॉड्यूल हैं
  • -यह सिस्टम हर चीज पर नजर रखता है
  • -हर सामग्री का वजन किया जाता है
  • - हर जांच को रिकॉर्ड किया जाता है
  • - हर लेन-देन को मिलिट्री क्लाउड में स्टोर किया जाता है

इंटेलिजेंट रिकग्निशन स्केल कैसे काम करता है

रिपोर्ट में बताया गया कि इस सिस्टम की सबसे खास बात इसका 'इंटेलिजेंट रिकग्निशन स्केल' है, जिसे खास तौर पर सेना की रसोई और खाने की जांच के लिए बनाया गया था. जब सामग्री को इस स्केल पर रखा जाता है, तो उस पर लगे कैमरे खाने की श्रेणी की पहचान कर लेते हैं. वे सामग्री का वज़न, उसकी तस्वीरें और वीडियो फुटेज भी रिकॉर्ड कर लेते हैं. यह सारा डेटा तुरंत क्लाउड सर्वर पर अपलोड हो जाता है.

500 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी पर बैठे सुपरवाइजर रोजाना खरीदे गए खाने की दूर बैठे ही जांच कर सकते हैं. वे खाने से जुड़े रिकॉर्ड देख सकते हैं, और खाने की जांच की पूरी प्रक्रिया को 'रियल-टाइम' (यानी उसी समय) दोबारा देख सकते हैं.

USS अब्राहम लिंकन की घटना

हाल में ईरान के साथ अमेरिका के युद्ध में तैनात नौसेना के जहाजों पर मिलने वाले कम खाने की तस्वीरें वायरल हुई थीं. इन तस्वीरों को USS अब्राहम लिंकन के एक क्रू मेंबर ने इन्हें अमेरिका में अपने परिवार के साथ शेयर किया था. इससे सैनिकों, उनके परिवारों और पेंटागन के बीच विवाद खड़ा हो गया था. हालांकि, अधिकारियों का दावा था कि जहाज पर 30 दिन से ज़्यादा का खाना मौजूद है.

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