दुनिया का एक मुल्क इन दिनों ऐसी महंगाई से जूझ रहा है जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते. हम बात कर रहे हैं दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला कि जो अपने तेल के भंडारों के लिए दुनिया भर में मशहूर है. इसके अलावा ये वही देश है जहां से ना जाने कितनी विश्व सुंदरियों ने अपनी खूबसूरती से दुनिया को चौंकाया है. लेकिन आज ये देश अपनी बदकिस्मती पर रो रहा है. Also Read - इन देशों में घर खरीदने पर मिल जाती है नागरिकता और नया पासपोर्ट

यहां आज के हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपना देश ही छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है. अधिकतर लोग पड़ोसी कोलंबिया की शरण ले रहे हैं. उधर, कोलंबिया इस संकट से परेशान हो उठा है और उसने दुनिया से इस संकट से निजात दिलाने की गुहार लगाई है. आलम ये है कि अब दोनों देश इसे लेकर आमने-सामने आ गए हैं. Also Read - Farmer Found 4000 Crores While Digging Land in Columbia | किसान को खुदाई के दौरान मिले 4 हजार करोड़ रुपए

एक लीटर दूध 80 हजार बोलिवर   Also Read - How weird! Here Newly married couple have sex in front of their mothers | हे भगवान!!! यहां लड़कीयां अपनी मां के सामने मनाती है सुहागरात

अब हम आपको बताते हैं कि यहां महंगाई ने कैसा रौद्र रूप दिखा रखा है. वेनेजुएला में पिछले दो साल से भारी आर्थिक अस्थिरता फैली हुई है. यहां मुद्रा में इतनी भारी गिरावट आई है कि रोजमर्रा के चीजों के दाम आसमान से भी उपर पहुंच गए हैं. यहां एक लीटर दूध की कीमत 80 हजार बोलिवर (वेनेजुएला की मुद्रा) तक पहुंच गई है. इसी तरह एक ब्रेड के लिए लोगों को हजारों रुपये चुकाने पड़ते हैं.

एक किलो मीट का दाम 3 लाख बोलिवर

इसी तरह यहां एक किलो मीट की कीमत करीब तीन लाख बोलिवर पहुंच गई है. खाने-पीने की चीजें एक तरह से आम लोगों की पहुंच से बाहर हो चुकी है. दुकानों में बहुत ही कम सामान नजर आता है. इन्हें लेने की हैसियत भी कुछ ही लोगों में है. इसका नतीजा ये निकला है कि वेनेजुएला से लोग बड़ी संख्या में कोलंबिया पहुंच गए हैं और अब कोलंबिया की हालत पतली होने लगी है. इसीलिए कोलंबिया ने अंतर्राष्ट्रीय जगत से मदद की गुहार लगाई है.

कच्चे तेल के दाम गिरने से बिगड़े हालात

दरअसल, मुद्रा अवमूल्यन की सबसे बड़ी वजह है कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट. इसके चलते वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और लोग कोलंबिया की ओर रुख कर रहे हैं. कोलंबिया का कहना है कि कुछ ही दिनों में 10 लाख से ज्यादा लोग उसके देश आ चुके हैं.