वाशिंगटन: पाकिस्तान के आम चुनावों की निष्पक्षता और स्वतंत्रता सवालों के घेरे में है. बिलावल भुट्टो और शाहबाज शरीफ समेत कई नेताओं ने तो चुनावों में धांधली का आरोप लगाया ही है, वही अमेरिका ने भी पाकिस्तान के आम चुनाव की निष्पक्षता पर संदेह जताया है. गौरतलब है कि इन चुनावों में इमरान खान की पार्टी को सेना का समर्थन मिला जबकि पीएमएल-एन और पीपीपी ने काफी बंदिशों में अपना प्रचार किया. Also Read - IPL 2021, Sunrisers Hyderabad vs Kolkata Knight Riders, 3rd Match: हैदराबाद की 10 रन से हार, जानिए KKR की जीत की 5 बड़ी वजह

Also Read - पटना: जिंदा व्यक्ति को मृत बताकर अस्पताल ने परिवार को सौंपा दूसरे व्यक्ति का शव, अब शुरू हुई जांच

भारत-पीएम मोदी के खिलाफ दिखाई थी ‘नफरत’, ‘तालिबान खान’ से चर्चित इमरान बनेंगे पाकिस्तान के पीएम! Also Read - यूपी: धार्मिक स्थलों में 5 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर रोक, प्रसाद नहीं बाँट सकते, जानें और क्या पाबंदियां लगीं

चुनाव को स्वतंत्र व निष्पक्ष घोषित करने से इंकार

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वह पाकिस्तान में स्थिति की करीब से निगरानी कर रहा है, लेकिन उसने चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष घोषित करने से इनकार कर दिया. विदेश विभाग ने भी इसकी पुष्टि करने से इनकार कर दिया. पाकिस्तान में अमेरिकी मिशन ने मुख्यत: सुरक्षा कारणों से अपने चुनाव पर्यवेक्षकों को तैनात नहीं किया था. विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ‘ हम लगातार घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं और लगातार यह कह रहे हैं कि हम पाकिस्तान में स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह चुनाव का समर्थन करते हैं. पूरी दुनिया में भी हम इसी का समर्थन करते हैं.’

पाकिस्‍तान चुनाव 2018: अमिताभ बच्‍चन व माधुरी दीक्षित के नाम पर भी मांगे वोट, इमरान खान की पार्टी के नेता ने लगाए थे पोस्‍टर

पाकिस्तान के चुनाव नतीजे पहले से फिक्स: हक्कानी

अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रहे हुसैन हक्कानी ने कहा कि चुनाव के नतीजे पहले से ही तय थे. उन्होंने कहा कि पीएमएल-एन और पीपीपी ने बंदिशों में अपना अभियान चलाया, जबकि पीटीआई ने पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से प्रचार किया और सरकारी प्रतिष्ठान उसका साथ दे रहे थे. हडसन इंस्टीट्यूट थिंक-टैंक से जुड़े हक्कानी ने कहा कि नतीजों से पाकिस्तान में कुछ बदलने की संभावना नहीं है. जब तक सेना की अगुवाई वाले प्रतिष्ठान जिहादी गतिविधियां बंद कर उन्हें देश के लिए गलत और आर्थिक परेशानियों का सबब नहीं मान लेते, कुछ नहीं बदलने वाला.

पाक चुनाव: एमक्यूएम के हाथों से फिसल रहा कराची किला, शाहबाज शरीफ ने चुनावों में धांधली का आरोप लगाया

उन्होंने कहा कि जिहादियों के मकसद के लिए इमरान खान की सहानुभूति देखते हुए इसकी संभावना नहीं है कि प्रधानमंत्री के तौर पर वह जिहादियों के खिलाफ निर्णायक रूप से कोई कार्रवाई करेंगे, उनका कहना है कि लेकिन चमत्कार की आशा की जा सकती है. पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री बनने की ओर इमरान खान अग्रसर हैं. इमरान खान को कट्टरपंथियों के समर्थक के तौर पर देखा जाता है यहां तक कि उन्हें तालिबान खान भी कहा जाता है. (इनपुट एजेंसी)