वाशिंगटन: अमेरिका के संसदीय पैनल ने बुधवार को जारी अपनी एक रिपोर्ट में चेताया है कि अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य संकटों का सामना कर रहा है और वह रूस तथा चीन के खिलाफ होने वाले युद्ध में हार सकता है. कांग्रेस ने राष्ट्रीय रक्षा रणनीति आयोग को यह जिम्मेदारी दी है कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रीय रक्षा रणनीति (एनडीएस) का अध्ययन करे. गौरतलब है कि ट्रंप की यह नीति मॉस्को और बीजिंग के साथ शक्ति पाने की नई होड़ को रेखांकित करती है. Also Read - कोरोनावायरस की गिरफ्त में अमेरिका, अकेले न्यूयार्क में एक हजार से अधिक लोगों की हुई मौत

डेमोक्रेटिक और रिपब्लिक पार्टी के दर्जनों पूर्व अधिकारियों के इस पैनल ने पाया कि एक ओर जहां अमेरिकी सेना बजट में कटौती का सामना कर रही है और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं में कमी आ रही है, वहीं चीन और रूस जैसे देश अमेरिकी ताकत के साथ संतुलन कायम करने के लिए अपनी शक्ति बढ़ा रहे हैं. आयोग का कहना है कि अमेरिका की सैन्य श्रेष्ठता, जो दुनिया में उसकी ताकत का लोहा मनवाती है और राष्ट्रीय सुरक्षा, बेहद खतरनाक डिग्री तक खराब हुई है. पैनल ने पाया कि इस सदी में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर अमेरिका का ध्यान केन्द्रित होने से वह युद्ध के अन्य क्षेत्रों जैसे मिसाइल रक्षा, साइबर और अंतरिक्ष अभियान सहित अन्य क्षेत्रों में पिछड़ रहा है. Also Read - कोरोनावायरस पर ट्रंप सरकार की चेतावनी, बढ़ सकता है मरने वालों का आंकड़ा, लॉकडाउन को लेकर किया बड़ा फैसला

गौरतलब है कि चीन के साथ अमेरिका के रिश्ते पहले की तरह सहज नहीं है. हाल के दिनों में ट्रंप प्रशासन की तरफ से चीन पर कई सख्त टिप्पणियां सुनने को मिली हैं. विशेषज्ञों ने इसे शीत युद्ध के समानांतर बताया है. हालांकि अमेरिका चाहता है कि चीन के साथ रिश्ते सुधरें. हाली हमें अमेरिका के राजदूत टेरी ब्रैनस्टैड ने कहा था कि वॉशिंगटन तनाव नहीं चाहता. अमेरिका चाहता है कि चीन के साथ संबंध रचनात्मक और परिणामोन्मुख हों. अमेरिका चीन को सीमित करना नहीं चाहता लेकिन हम अच्छा व्यवहार चाहते हैं. हाल के दिनों में अमेरिका और चीन में व्यापार के साथ-साथ कुछ सैन्य मुद्दों पर भी गहरे मतभेद सामने आए हैं. Also Read - इस रेस्टोरेंट मालिक ने बनाया लजीज कोरोना बर्गर, बोले- 'कुछ डराए तो उसे खा जाएं...'

कुछ दिन पहले अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा था कि चीन व्यापार और बौद्धिक संपदा अधिकार सहित सारे मोर्चों पर अमेरिका के लिए दीर्घाकालिक चुनौती पेश करता है. उन्होंने एक रेडियो प्रोग्राम में कहा था कि चीन एक दीर्घावधि चुनौती है. यह प्रत्येक मोर्चे पर है. उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अनुचित व्यापार की चुनौती का सामना करना शुरू कर दिया है. अमेरिका चीन से समान और अनोन्य व्यापार की मांग करता है और ट्रम्प इसे प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा था कि चीन के दक्षिण चीन सागर में सतत प्रयासों सहित कई तरह की दावों की चुनौतियां अमेरिका के समझ मौजूद हैं.

(इनपुट-भाषा)