वॉशिंगटन: अमेरिका के अमेरिका के विदेश विभाग के आतंकवाद रोधी समन्वयक शीर्ष अधिकारी नाथन एलेक्जेंडर सेल्स ने एक बैठक के दौरान ये बयान देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान को निश्चित रूप से और अधिक सख्त कदम उठाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान से उम्मीद करता है कि वह हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी समूहों के खिलाफ उसी तरह से कार्रवाई करेगा जैसा उसने 9/11 हमले के बाद अल-कायदा के साथ किया था. उन्होंने ईरान को आतंकवाद का सबसे बड़ा समर्थक देश बताया.

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पाकिस्तान नहीं कर रहा संतोषजनक कार्रवाई
पाकिस्तान को लेकर सांसदों के आरोप के बाद अमेरिका के विदेश विभाग के आतंकवाद रोधी समन्वयक नाथन एलेक्जेंडर सेल्स ने कांग्रेस की बैठक के दौरान कहा कि अमेरिका दुनिया के किसी भी क्षेत्र में आतंकवाद के लिए समर्थन को लेकर ‘‘बेहद चिंतित’’ है. सेल्स ने बुधवार को बैठक में हिस्सा ले रहे सदस्यों व मीडिया को आश्वस्त करते हुए कहा, ‘‘मैं आपको बता सकता हूं कि हमने पाकिस्तान सरकार से उच्च स्तरीय संवाद किया है और हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान उसी तरह से कार्रवाई (आतंकवाद के खिलाफ) करेगा जैसा उसने 9/11 हमले के बाद किया था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले पाकिस्तान अल-कायदा के खिलाफ लड़ाई में बेहद प्रभावी सहयोगी रहा है. उन्हें हक्कानी, लश्कर-ए-तैयबा और क्षेत्र में सक्रिय अन्य आतंकवादी समूहों के खिलाफ भी उसी तरह से कार्रवाई करने की आवश्यकता है.’’

सेल्स ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान को ‘‘निश्चित रूप से और कड़े कदम उठाने’’ की आवश्यकता है. अपनी सरजमीं से आतंकवादी गतिविधियां करने वाले आतंकवादी समूहों के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा संतोषजनक कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर कई अमेरिकी सांसदों के चिंता जताने के बाद उन्होंने यह टिप्पणी की. सांसदों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान आतंकवादी समूहों के विरुद्ध पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है. ( इनपुट एजेंसी )

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