बड़ी मुसीबत में फंसा अमेरिका! घट गया मिसाइल भंडार, क्या ईरान से युद्ध लड़ने की ताकत बची है? रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Written By: Shivendra Rai Updated by: Shivendra Rai
Updated Date:May 29, 2026 9:56 AM IST

CSIS की रिपोर्ट में बताया गया है कि US का हथियार भंडार खत्म हो रहा है. THAAD, Tomahawk और Patriot के भंडार को फिर से भरने में कई वर्षों का समय लग सकता है.

US arsenal depleted: ईरान के साथ 39 दिनों तक चले युद्ध के बाद अमेरिका एक बड़े संकट में फस गया है. एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका के अत्याधुनिक हथियारों के भंडार की स्थिति चिंताजनक है. ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका के हथियार भंडार खाली हो गए हैं. एक नए विश्लेषण में चेतावनी दी गई है कि संघर्ष के दौरान भारी मात्रा में इस्तेमाल किए गए कई महत्वपूर्ण मिसाइल सिस्टम को फिर से तैयार करने में कई साल का समय लग सकता है.

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रिपोर्ट ने बढ़ाई ट्रंप प्रशासन की चिंता

सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ (CSIS) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान युद्ध में भारी मात्रा में हथियारों के इस्तेमाल के कारण प्रमुख 'प्रिसिजन-स्ट्राइक' (सटीक मारक क्षमता वाले) वेपन और मिसाइल-रक्षा प्रणालियों का भंडार काफी कम हो गया है. अमेरिका ने ये हथियार और एयर डिफेंस प्रणालियां चीन के साथ किसी संभावित युद्ध और प्रशांत क्षेत्र में दबदबा बनाए रखने के लिए जुटा रखे थे. हालांकि, इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अमेरिका के पास ईरान से जुड़े किसी भी संभावित हालात से निपटने के लिए अभी भी पर्याप्त हथियार मौजूद हैं.

थिंक टैंक CSIS ने चेतावनी दी है कि हथियारों को फिर से तैयार करने में लगने वाले लंबे समय ने अमेरिका की कमजोरी उजागर की है. ये रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब ताइवान को लेकर अमेरिका का चीन के साथ तनाव अपने चरम पर बना हुआ है. यूरोप से भी अमेरिका के रिश्ते अपने सबसे नाजुक दौर में हैं और इसी समय रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं.

ट्रंप प्रशासन ने स्वीकार की सच्चाई

हथियार भंडार में आई कमी को ट्रंप प्रशासन ने भी स्वीकार किया है. अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हाल ही में इस चुनौती की गंभीरता को स्वीकार किया. पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिकी हथियारों के भंडार को फिर से भरने में महीनों से लेकर वर्षों तक का समय लग सकता है. CSIS के अनुसार, इस समय मुख्य समस्या पैसों की कमी नहीं बल्कि समय की है. माना जा रहा है कि इस संकट से निपटने के लिए ट्रंप प्रशासन वित्त वर्ष 2027 के लिए रक्षा बजट को बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर कर सकता है. ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य अभियान के दौरान इस्तेमाल हुए हथियारों की भरपाई के लिए कांग्रेस से अतिरिक्त 'आपातकालीन युद्ध-निधि' की मांग भी की जा सकती है. ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका को कम से कम 42 विमानों का नुकसान भी हुआ है. इसमें फाइटर जेट, रीफ्यूलर और प्रीडेटर ड्रोन शामिल हैं.

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