वाशिंगटन: वर्तमान हालातों के मुताबिक़ मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प. उनके राजनीतिक और निजी जीवन के हर पहलू जांच के दायरे में है. प्रेसिडेंट ट्रंप व्हाइट हाउस, प्रचार अभियान और सत्ता हस्तांतरण से लेकर चैरिटी और कारोबार तक की जांच में उलझे हुए हैं. ट्रंप के कार्यकाल के दो साल से भी कम समय में उनके कारोबारी सहयोगियों, राजनीतिक सलाहकारों और परिवार के सदस्यों सभी की जांच की जा रही है. साथ ही उनके दिवंगत पिता के उद्योग की भी जांच-पड़ताल की जा रही है. Also Read - छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दावा, कहा- ट्रंप की भारत यात्रा उनके चुनाव अभियान का है हिस्सा

अमेरिकी सांसद ने गूगल CEO से कहा, ‘मैं भी भारत के उसी राज्य में जन्मी, जहां आपका जन्म हुआ’ Also Read - ट्रंप की बढ़ी मुश्किलें,अब सीनेट में चलेगी महाभियोग की कार्यवाही 

ट्रंप प्रशासन में गृह मामलों के मंत्री रयान जिंके शुक्रवार को चौथे कैबिनेट मंत्री रहे जिन्होंने पद छोड़ने की घोषणा की. पद पर रहते हुए उनके कार्यों को लेकर 17 मामलों की जांच चल रही है. ट्रंप के खिलाफ मामलों की जांच अगले साल रफ्तार पकड़ सकती है जब डेमोक्रेट्स का सदन पर नियंत्रण बढ़ने की संभावना है. हालांकि, ट्रंप ने इन जांचों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है और उनके टि्वटर अकाउंट पर आए दिन इसको लेकर उनका गुस्सा दिखाई देता है साथ ही अमेरिकी मीडिया से भी ट्रम्प की नाराजगी बढ़ती ही जा रही है. Also Read - आज होगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की सुनवाई को सीनेट भेजने के लिए मतदान

हर तरह की जांच
अपने कार्यकाल के लगभग आधे दौर में अब ट्रंप अपने अहम चुनावी वादों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. वह मेक्सिको के साथ लगती सीमा पर दीवार बनाने के लिए पांच अरब डॉलर चाहते हैं लेकिन रिपब्लिकन के नेतृत्व वाली कांग्रेस द्वारा यह धनराशि दिए बगैर ही उनका साल खत्म हो सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ चल रहे मामलों में रॉबर्ट मूलर जांच, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप, ट्रंप की कथित प्रेमिकाओं को धनराशि देने से जुड़े न्यूयॉर्क अभियान-वित्त मामला और ट्रंप की उद्घाटन समिति के वित्त और कार्यों की जांच चल रही है.

अमेरिका: भारतीय मूल की महिला पर हमला करने वाले शख्स पर ‘Hate Crime’ के आरोप

बढ़ जाएगा खतरा
ये जांच राष्ट्रपति, ट्रंप के परिवार और उनके कारोबारी हितों के लिए खतरा हैं. डेमोक्रेट्स के सदन पर नियंत्रण के बाद यह खतरा और बढ़ेगा ही. वे खुद से जांच शुरू कर सकते हैं और महाभियोग लाने पर भी विचार कर सकते हैं. अगर ट्रंप महाभियोग से बच भी जाते हैं तो डेमोक्रेट्स की जांच उनके लिए सिरदर्द बनेगी. प्रशासन के अधिकारियों को संसद के समक्ष गवाही के लिए बुलाया जाएगा और सांसद दस्तावेज मांगेंगे जिनमें ट्रंप के टैक्स रिटर्न से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हो सकते हैं जिन्हें सार्वजनिक करने से उन्होंने इनकार कर दिया था. (इनपुट एजेंसी)

#Vijay Diwas: बांग्लादेश ने कहा- भारतीय सेना नहीं होती तो हमें नहीं मिलती आजादी