वाशिंगटन: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने पाकिस्तान पर अमेरिकी राजदूतों के साथ बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया और सांसदों से गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता की समीक्षा की जा रही है. पोम्पियो सांसद डाना रोहराबाचेर के उस प्रश्न का जवाब दे रहे थे कि अमेरिका को पाकिस्तान को किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता तब तक रोक देनी चाहिए जब तक कि वह डॉक्टर शकील आफरीदी को रिहा नहीं कर देता. शकील वह चिकित्सक हैं जिन्होंने ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में छिपे होने के सबूत दिए थे. Also Read - पाकिस्तान: कोरोना से लड़ाई में बाधा बनी तब्लीगी जमात की गतिविधियां, मुख्यालय में मिले 27 कोरोना संक्रमित

उन्होंने हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी को बताया, ‘‘पाकिस्तान के मामले में हमने 2018 में कहीं कम धन जारी किया है. बाकी बचे धन पर विचार किया जा रहा है. मेरा अनुमान है कि यह राशि भी कम ही रहेगी.’’ रोहराबाचेर ने कहा कि अगर पाकिस्तान अफरीदी को अब भी जेल में रखता है तो उन्हें पाक को आर्थिक सहायता देने का कोई कारण समझ नहीं आता. Also Read - Covid 19: पाक में हिंदुओं को सरकारी राशन तक नहीं दिया जा रहा, भूखे रहने की नौबत

पोम्पियो ने कहा कि सीआईए के निदेशक के रूप में उन्होंने आफरीदी के मुद्दे पर कर्मठता से काम किया था लेकिन वह उसमें सफल नहीं हुए. उन्होंने कहा, ‘‘यकीन मानिए कि ये मेरे दिल में हैं और मैं जानता हूं कि यह महत्वपूर्ण है और हम यह कर सकते हैं. हम वह परिणाम पा सकते हैं.’’ Also Read - कोरोनावायरस की गिरफ्त में अमेरिका, अकेले न्यूयार्क में एक हजार से अधिक लोगों की हुई मौत

इस पर सांसद ने कहा कि पाकिस्तान में हालात बदतर होते जा रहे हैं. पोम्पियो ने कहा कि आर्थिक सहायता के अलावा अमेरिका को पाकिस्तान में अपने राजनयिकों के साथ हुए सलूक को भी ध्यान रखना चाहिए.

(इनपुट: एजेंसी)