'स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं...', बांग्लादेश चुनाव पर अमेरिका का बड़ा बयान, बोला- सभी दलों ने नहीं लिया हिस्सा

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक विवादास्पद चुनाव में अपना चौथा सीधा कार्यकाल सुरक्षित कर लिया है. देश में हुए आम चुनावों को लेकर अब अमेरिका ने अपनी बात रखी है.

Published date india.com Published: January 9, 2024 7:14 AM IST
'स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं...', बांग्लादेश चुनाव पर अमेरिका का बड़ा बयान, बोला- सभी दलों ने नहीं लिया हिस्सा

US On Bangladesh Election: बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए रविवार (7 जनवरी) को मतदान हुए थे. नतीजे 8 जनवरी की सुबह आए और एक बार फिर प्रधानमंत्री शेख हसीना बतौर प्रधानमंत्री चुनी गईं. अब देश में हुए चुनावों को लेकर अमेरिका ने अपनी बात रखी है. अमेरिका का मानना है कि बांग्लादेश में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं थे. साथ ही हजारों राजनीतिक विपक्षी सदस्यों की गिरफ्तारी पर भी चिंता जताई.

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक विवादास्पद चुनाव में अपना चौथा सीधा कार्यकाल सुरक्षित कर लिया है, जब उनकी अवामी लीग पार्टी ने उनके विरोधियों की तरफ से बहिष्कार किए गए चुनाव में संसद की आधी से ज्यादा सीटें जीत लीं थी. अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका अन्य पर्यवेक्षकों के साथ विचार साझा करता है कि ये चुनाव स्वतंत्र या निष्पक्ष नहीं थे और हमें खेद है कि सभी दलों ने भाग नहीं लिया.’

और क्या बोला अमेरिका?

देश ने बांग्लादेश के लोगों और लोकतंत्र, शांतिपूर्ण सभा की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उनकी आकांक्षाओं का समर्थन किया. बयान में कहा गया, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका ने नोट किया कि अवामी लीग पार्टी ने 7 जनवरी, 2024 के संसदीय चुनावों में अधिकांश सीटें जीतीं. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के बहिष्कार के बीच रविवार को आयोजित राष्ट्रीय चुनाव में पांचवीं बार फिर से चुनाव जीता, जो वर्तमान में जेल में हैं.

‘बांग्लादेश सरकार को करनी चाहिए जांच’

इसके अलावा, अमेरिका ने कहा कि वह हजारों राजनीतिक विपक्षी सदस्यों की गिरफ्तारी से चिंतित है. इसने चुनावों के दौरान और उससे पहले के महीनों में हो रही हिंसा की भी निंदा की. अमेरिका का कहना है कि बांग्लादेश सरकार को हिंसा की रिपोर्टों की जांच करनी चाहिए. बयान में कहा, ‘हम बांग्लादेश सरकार को हिंसा की रिपोर्टों की विश्वसनीय जांच करने और अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. हम सभी राजनीतिक दलों से भी हिंसा को खारिज करने का आग्रह करते हैं.’

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