न्यूयॉर्क: अमेरिका के एक न्यायाधीश ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बृहस्पतिवार को 20 लाख डॉलर का जुर्माना लगाया. ट्रम्प पर यह जुर्माना अपने एक धर्मार्थ संगठन के धन का दुरुपयोग खुद के राजनीतिक एवं कारोबारी लाभ के लिए करने को लेकर लगाया गया है. न्यूयॉर्क राज्य के न्यायाधीश सेलियन स्कारपुला ने ट्रंप को यह राशि कई धर्मार्थ संगठनों को देने का आदेश दिया है. न्यायाधीश ने यह फैसला न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल के कार्यालय द्वारा ट्रंप के खिलाफ दायर वाद पर सुनाया. यह वाद ट्रंप फाउंडेशन की संपत्तियों के इस्तेमाल को लेकर दायर किया गया था.

न्यायाधीश ने कहा कि ट्रंप ने 2016 में आयोवा कॉकस की दावेदारी के लिए अनुदान जुटाने की खातिर चुनाव प्रचार में शामिल उनके कर्मियों को संस्था के साथ काम करने के लिए अनुचित तरीके से अनुमति दी. न्यायाधीश स्कारपुला ने कहा कि चंदा जुटाने का यह कार्यक्रम, “ट्रंप के राजनीतिक अभियान को आगे बढ़ाने के मकसद” से आयोजित किया गया था.

महाभियोग पर ट्रंप ने जताई नाराजगी, कहा- हमारे खिलाफ साजिश हो रही, फिर भी हम जीतेंगे

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके खिलाफ चल रही महाभियोग की कार्यवाही पर नाराजगी जताते हुए अपने हजारों समर्थकों से कहा कि वह फिर से चुनाव जीतने जा रहे हैं. ट्रंप ने लुइसियाना में बुधवार को एक रैली को संबोधित करते हुए आगाह किया कि अगर वह 2020 के चुनावों में फिर से नहीं चुने गए तो देश अवसाद की ओर बढ़ जाएगा.

ट्रंप ने लुइसियाना के गवर्नर के चुनाव से पहले एक रैली में अपने समर्थकों ने कहा, ‘हम जीत रहे हैं. हम अभूतपूर्व ढंग से जीत रहे हैं. सर्वश्रेष्ठ आना अभी बाकी है.’ हालांकि हाल में उनकी रिपब्लिकन पार्टी को कई राज्य चुनावों और स्थानीय चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है.

डोनाल्ड ट्रंप ने आसियान नेताओं को अमेरिका आमंत्रित किया