वाशिंगटन: अमेरिका ने कहा है कि उसे जम्मू एवं कश्मीर के दर्जे को बदलने के भारत के कदम की जानकारी मिली है और नई दिल्ली ने इसे बिल्कुल आंतरिक मामला बताया है. विदेश विभाग के प्रवक्ता मोर्गन ओर्टागस ने एक सधे हुए बयान में कुछ कश्मीरी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरों पर चिंता व्यक्त की और व्यक्तिगत अधिकारों का सम्मान तथा प्रभावित लोगों से वार्ता करने का आग्रह किया. अमेरिका ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भी शांति और स्थिरिता बनाए रखने का आग्रह किया है.

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बयान के अनुसार, “हम जम्मू एवं कश्मीर के घटनाक्रम पर बराबर नजर रखे हुए हैं. हमें भारत द्वारा जम्मू एवं कश्मीर के संवैधानिक दर्जे में संशोधन करने की घोषणा तथा राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की योजना की जानकारी मिली है.” बयान के अनुसार, “हमने पाया कि भारत सरकार ने इन कार्रवाइयों को एक बिल्कुल आंतरिक मामला बताया है.”

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बयान में कहा गया है, “हम नेताओं को हिरासत में लेने संबंधी खबरों पर चिंतित हैं और व्यक्तिगत अधिकारों तथा प्रभावित समुदायों से चर्चा करने का आग्रह करते हैं.” बयान के अनुसार, “हम सभी पक्षों से एलओसी पर शांति और स्थिरिता कायम रखने का आग्रह करते हैं.” भारत सरकार ने सोमवार को जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटा दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों -जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख में परिवर्तित कर दिया.

बता दें कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए मध्यस्थता करने का मौका मिले तो वह तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें मध्यस्थता करने को कहा भी था. हालांकि भारत ने उनके इस बयान को ख़ारिज कर दिया था.