ट्रंप ने 60 दिनों के लिए ईरान के तेल बेचने पर हटाया बैन, तैनात होंगे UN के न्यूक्लियर इंस्पेक्टर, पहले दिन की बातचीत की 5 बड़ी बातें
Iran-America Peace Deal: पीस डील लागू होने के बाद ईरान और अमेरिका 60 दिन के युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने की कोशिश कर रहे हैं. इसी कड़ी में दोनों देशों के बीच स्विट्जरलैंड में करीब 80 मिनट तक बातचीत हुई.
ईरान का दावा है कि पीस डील के बाद कतर में फंसे 6 अरब डॉलर उसे वापस मिलेंगे. (AI जेनरेटेड इमेज)
- अमेरिका ने ईरानी तेल पर 60 दिन छूट दी.
- ईरान कच्चा तेल और पेट्रोलियम बेच सकेगा.
- छूट 21 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगी.
- फैसला अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से जुड़ा.
अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील के बाद जंग को पूरी तरह खत्म करने की कवायद शुरू हो चुकी है. दोनों देशों के बीच रविवार (22 जून 2026) को स्विटजरलैंड के जेनेवा में पहले दिन की बातचीत हुई. इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट की बिक्री पर लगी पाबंदियों में ढील दे दी है. अगले 60 दिन तक ईरान अपने पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट इंपोर्ट कर सकता है.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरानी मूल के कच्चे तेल, पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट के प्रोडक्शन, डिलीवरी और बिक्री के लिए अस्थायी सामान्य लाइसेंस जारी किया है. ये लाइसेंस अगले 60 दिन यानी 21 अगस्त तक लागू रहेगा. इस दौरान भारत भी ईरान से तेल खरीद सकता है. जंग शुरू होने के बाद भारत ने अमेरिका, रूस और वेनेजुएला से तेल खरीदा है.
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अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, "स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत के दौरान ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में बिना रोक-टोक आवाजाही बनाए रखने का भरोसा दिया है. इसके साथ ही ईरान UN की न्यूक्लियर एजेंसी IAEA के इंस्पेक्टर्स को दोबारा देश में काम करने की मंजूरी देने पर भी सहमति जताई है."
अलर्ट पर ईरान की सेना
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के साथ चल रही वार्ता के बीच ईरान ने साफ कहा है कि उसकी सेना पूरी तरह अलर्ट है. किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने के लिए तैयार है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के उप सचिव गदीर नेजामी ने कहा कि पिछले एक साल में शांति वार्ता के दौरान अमेरिका और इजरायल दो बार उस पर हमला कर चुके हैं, इसलिए वह उन पर पूरी तरह भरोसा नहीं करता.
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ईरान-अमेरिका की पीस डील से जुड़े 5 अपडेट
- ईरान का दावा है कि कतर में फंसे 6 अरब डॉलर उसे वापस मिलेंगे. ईरान के सरकारी मीडिया इरना की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए शुरुआती समझौते के तहत कतर में जमा ईरान के 6 अरब डॉलर वापस मिलेंगे. उन्होंने दावा किया कि समझौते की शर्तें तेहरान के पक्ष में हैं.
- ईरान-अमेरिका की पहले दिन की बातचीत के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. शिप ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, करीब 20 लाख बैरल तेल लेकर दो बड़े जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं. जंग से पहले इस समुद्री रास्ते से हर दिन करीब 125 जहाज गुजरते थे.
- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि इंटरनेशनल न्यूक्लियर एनर्जी एजेंसी (IAEA) के इंस्पेक्टर जल्द ईरान लौटेंगे. उनका काम शुरुआती समझौते के तहत तेहरान की ओर से उठाए जा रहे कदमों की निगरानी करना होगा.
- ईरान-अमेरिका की पीस डील पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का भी बयान आया है. उन्होंने कहा है कि स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बात सफल रही. शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों पक्ष अगले 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक रोडमैप पर सहमत हुए हैं.
- वहीं, इजरायल की तरफ से लेबनान में हमले जारी हैं. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक 4,106 लोगों की मौत हो चुकी है. करीब 12,153 लोग घायल हुए हैं. वहीं, इजरायली सेना प्रमुख इयाल जमीर ने कहा कि हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई दोबारा शुरू हो सकती है.
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