वॉशिंगटन: हाल में राजनीति में कदम रखने वाले अरबपति कारोबारी डोनाल्ड ट्रंप ने सभी बाधाओं को पार करते हुए कांटे के चुनावी मुकाबले में अनुभवी नेता हिलेरी क्लिंटन को आज मात दे दी और इसके साथ ही उनके चुनाव सर्वेक्षकों को हैरान करते हुए अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ हो गया। पूर्व विदेश मंत्री और डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन से ट्रंप का मुकाबला कांटे का रहा। चुनाव पूर्व हुए सर्वे में कभी डोनाल्ड तो कभी हिलेरी बाजी मारती दिखीं। लेकिन चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे। 69 साल की हिलेरी का सियासी करियर इसी हार के साथ खत्म माना जा रहा है।

अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति बनने का सपना संजोए चुनावी मैदान में उतरी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी की उम्मीदें इस परिणाम के साथ ही टूट गईं। ट्रंप ने निर्वाचन मंडल के 289 मत हासिल करके शानदार जीत हासिल की जबकि हिलेरी को 218 मत मिले। राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को निर्वाचन मंडल के 538 मतों में से 270 मत हासिल करने की आवश्यकता होती है। 70 वर्षीय ट्रंप ने पेनसिल्वेनिया, ओहायो, फ्लोरिडा, टेक्सास और उत्तर कैरोलिना जैसे राज्यों में शानदार प्रदर्शन करके चुनाव सर्वेक्षकों को गलत साबित कर दिया और जीत पर कब्जा कर लिया। यह भी पढ़े-बराक ओबामा ने कहा राष्ट्रपति पद के लिए मुझसे या बिल क्लिंटन से अधिक योग्य हैं हिलेरी

ट्रंप ज्यादा से ज्यादा वोटरों को यह भरोसा दिलाने में कामयाब रहे कि वो सबकुछ ठीक कर देंगे। अरबपति बिजनेसमैन ट्रंप को वैसे तो ‘आउटसाइडर’ कहा गया था लेकिन वो उन्होंने साबित कर दिया कि वो ‘इनसाइडर’ से बेहतर हैं. ट्रंप ऐसे उम्मीदवार थे जिन्होंने खूब विरोध झेला जबकि हिलेरी सत्ता में यथास्थ‍िति बनाए रखने की प्रतीक बनीं।

हिलेरी क्लिंटन ने प्रचार अभियान के दौरान दावा किया कि वो राष्ट्रपति पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार हैं। उन्होंने अपनी सीवी का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वो अमेरिका की विदेश मंत्री रह चुकी हैं। राष्ट्रपति की पत्नी रह चुकी हैं। न्यूयॉर्क से सीनेटर हैं। लेकिन उनका यह अनुभव काम नहीं आया और वोटरों पर असर डालने में नाकाम रहा। लोगों ने इसे निगेटिव तौर पर लिया. उन्होंने एक राजनेता पर एक बिजनेसमैन को प्राथमिकता दी।

हिलेरी क्लिंटन के साथ भरोसे की बड़ी दिक्कत है। उनपर लोग भरोसा नहीं करते हैं। शायद यही वजह है कि हिलेरी के ईमेल स्कैंडल ने इतना तूल पकड़ा. हिलेरी की उम्र और उनकी गिरती सेहत भी वोटरों का उनपर भरोसा तोड़ने की वजह रही। यह भी पढ़े-‘इवांका अगर बेटी नहीं होती तो उसे भी करता डेट’, डोनाल्ड ट्रंप के ऐसे ही कुछ विवादित बयान

ह्वाइट हाउस छोड़ने के बाद से क्लिंटन दंपति ने जो संपत्त‍ि बटोरी थी वो भी काम नहीं आई। क्लिंटन दंपति को न सिर्फ ऐसे लिबरल की तौर देखा गया जो लिमोजीन में घूमते हैं बल्कि इनकी इमेज लियर जेट विमानों में घूमने वाले दंपति के तौर पर बनी। उनकी यह रईसी वर्किंग क्लास वोटरों को रास नहीं आई। हालांकि उन्होंने रियल स्टेट टायकून को अपना नेता चुना।

ट्रंप ने अपनी चुनाव प्रचार मुहिम के मुख्यालय में अपने समर्थकों से कहा, ‘यह हम सब के लिए एकजुट जनता के रूप में साथ आने का समय है। मैं हमारी सरजमीं के हर नागरिक से वादा करता हूं कि मैं सभी अमेरिकियों का राष्ट्रपति बनूंगा।’ ट्रंप ने बताया कि हिलेरी ने उन्हें फोन करके जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें उनकी शानदार मुहिम पर बधाई देता हूं। देश पर उनका बहुत एहसान है। वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें।

सीएनएन के अनुमान के अनुसार ट्रंप ने 29 राज्यों और हिलेरी ने 18 राज्यों में जीत हासिल की। चैनल के अनुसार ट्रंप ने पेनसिल्वेनिया, फ्लोरिडा, अलास्का, यूटा, आयोवा, एरिजोना, विस्कॉन्सिन, जॉर्जिया, ओहायो, उत्तर कैरोलिना, उत्तर डकोटा, दक्षिण डकोटा, नेब्रास्का, कंसास, ओकलाहोमा, टेक्सास, व्योमिंग, इंडियाना, केंटुकी, टेनेसी, मिसीसिपी, अरकंसास, लुइसियाना, पश्चिम वर्जीनिया, अलबामा, दक्षिण कैरोलिना, मोंटाना, इडाहो और मिसौरी में जीत हासिल की।