वॉशिंगटन: श्रीलंका में मचा सियासी संकट हिंसक रूप अख्तियार कर रहा है. जिसमें एक की मौत व दो लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है. बता दें कि श्रीलंका में प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की अचानक बर्खास्तगी से उत्पन्न राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अमेरिका ने श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना से संसद की बैठक तत्काल बुलाने के लिए कहा है ताकि लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित प्रतिनिधि यह फैसला कर सकें कि अपनी सरकार का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी वह किसे देना चाहते हैं. Also Read - Donald Trump की बेटी Ivanka Trump ने PM मोदी के साथ की तस्वीरें शेयर कीं, लिखी ये बात...

सभी की नजरें घटनाक्रम पर

वही श्रीलंका के सियासी घटनाक्रम पर पूरे विश्व की नजरें लगी हुई है. कनाडा हाई कमीशन भी श्रीलंका के सियासी संकट पर बारीक नजर रख रहा है.

अमेरिका की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने कहा, ‘‘हमने श्रीलंकाई राष्ट्रपति से कहा है कि वे संसद के स्पीकर के परामर्श से तुरंत संसद की बैठक बुलाएं ताकि श्रीलंकाई लोगों द्वारा लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित प्रतिनिधि अपनी सरकार के नेता को चुन सके.’ गौरतलब है कि सिरीसेना ने शुक्रवार को विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर दिया था और पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया था, जिससे श्रीलंका में राजनीतिक उथल-पुथल का माहौल बन गया था.

श्रीलंका संकट: संसद के स्पीकर जयसूर्या ने रानिल विक्रमसिंघे को ही माना पीएम

श्रीलंका की संसद के स्पीकर कारु जयसूर्या ने संकट में घिरे रानिल विक्रमसिंघे को बड़ी राहत देते हुए रविवार को उन्हें देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मान्यता दे दी. संसद के स्पीकर ने कहा कि संसद को निलंबित करने का फैसला स्पीकर के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया जाना चाहिए.

अगले दिन, विक्रमसिंघे ने अपनी बर्खास्तगी को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार देते हुये इस फैसले को मामने से इनकार कर दिया और बहुमत साबित करने के लिए एक आपातकालीन सत्र बुलाने की मांग की. जिसके बाद राष्ट्रपति ने संसद को भी निलंबित कर दिया. राष्ट्रपति ने विक्रमसिंघे की निजी सुरक्षा और वाहनों को उनसे वापस ले कर 72 वर्षीय राजपक्षे को सौंप दिया, जिन्होंने नाटकीय ढंग राजनीति में एक बार फिर वापसी की है. नोर्ट ने कहा कि श्रीलंका के घटनाक्रम पर अमेरिका लगातार नजर बनाये हुये हैं. संयुक्त राष्ट्र ने भी श्रीलंका के राजनीतिक घटनाक्रम पर चिंता जताया है.

ये हुआ था

बता दें कि यूएनपी नेता रानिल विक्रमसिंघे को राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री के पद से बर्खास्त कर दिया था. सिरीसेना को लिखे एक पत्र में जयसूर्या ने 16 नवंबर तक सदन को निलंबित करने के उनके फैसले पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा कि इससे देश को गंभीर एवं अवांछनीय परिणाम भुगतने पड़ेंगे. स्पीकर कारु जयसूर्या ने राष्ट्रपति से विक्रमसिंघे को सरकार के नेता के तौर पर मिले विशेषाधिकार फिर से बहाल करने को कहा. उन्होंने विक्रमसिंघ के बारे में कहा कि लोकतंत्र एवं सुशासन कायम करने के लिए उन्होंने जनादेश हासिल किया है. जयसूर्या ने कहा, “16 नवंबर तक संसद भंग रखने से हमारे देश को गंभीर एवं अवांछनीय परिणाम भुगतने होंगे और मैं आपसे विनम्र आग्रह करता हूं कि इस पर फिर से विचार करें.”(इनपुट एजेंसी )