
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह से कुछ घंटे पहले निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन ने डॉ. एंथनी फाउची, रिटायर्ड जनरल मार्क मिले को माफी दी है. चलिए खबर के माध्यम से आपको बताते हैं कि आखिरकार इन लोगों को माफी क्यों दी गई और यह पूरा केस क्या है?
डॉ. एंथनी फाउची, जोकि एक जाने-माने वैज्ञानिक और इम्यूनोलॉजिस्ट हैं उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अमेरिका के लिए अहम भूमिका निभाई. उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रमुख सलाहकार के रूप में काम किया और महामारी के दौरान मास्क पहनने और टीकाकरण जैसे उपायों को बढ़ावा दिया.
इस दौरान उन्होंने वायरस को लेकर फैलाई जा रही झूठी जानकारियों को खारिज किया, जिसके चलते डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थकों से उन्हें भारी आलोचना का सामना करना पड़ा. ट्रंप समर्थकों का मानना था कि डॉ. फाउची ने कोरोना महामारी के दौरान अमेरिकियों की आजादी को बाधित किया. लाखों मौतों के बाद, डॉ. फाउची ट्रंप के निशाने पर आ गए. बाइडेन का यह माफी देना यह सुनिश्चित करता है कि डॉ. फाउची राजनीति से प्रेरित बदले की कार्रवाई से बच सकें.
अमेरिकी सेना के पूर्व जनरल मार्क मिले को भी ट्रंप प्रशासन से तीखा विरोध झेलना पड़ा. उन्होंने खुले तौर पर ट्रंप को फासीवादी कहा था और 6 जनवरी, 2021 को हुए कैपिटल हिल हमले के मामले में जांच समिति को अहम जानकारी दी थी. इस घटना के बाद ट्रंप और उनके समर्थकों का मानना था कि जनरल मिले उनके खिलाफ काम कर रहे हैं.
जो बाइडेन ने डॉ. एंथनी फाउची और रिटायर्ड जनरल मार्क को माफी देते हुए अपने बयान में कहा कि जनरल मिले ने 40 साल से अधिक समय तक देश की सेवा की. साथ ही अमेरिकी लोकतंत्र की रक्षा के लिए खतरनाक परिस्थितियों में तैनात रहे. उनके योगदान को देखते हुए, बाइडेन ने यह माफी उन्हें किसी भी राजनीतिक उत्पीड़न से बचाने के लिए दी.
बाइडेन ने माफी देने के अपने फैसले को लोक सेवकों की सुरक्षा से जोड़कर देखा. उन्होंने कहा कि जनरल मिले और डॉ. फाउची जैसे समर्पित लोगों ने ईमानदारी और गौरव के साथ देश की सेवा की है. कैपिटल हिल जांच समिति के सदस्यों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना कर्तव्य निभाया. इन लोगों को अनुचित मुकदमों और धमकियों से बचाना सरकार की जिम्मेदारी है.
बाइडेन ने आगे कहा कि ऐसे लोग हमारे लोकतंत्र की रीढ़ हैं. इन्हें राजनीति से प्रेरित हमलों का सामना नहीं करना चाहिए. उनके इस फैसले ने इन लोक सेवकों को बड़ी राहत दी है.
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