बगदादः अमेरिका और ईरान के बीच छद्म युद्ध शुरू होने की बढ़ती आशंकाओं के बीच अमेरिकी ड्रोन हमले में एक शीर्ष ईरानी जनरल की मौत के एक दिन बाद शनिवार तड़के अमेरिका ने एक ताजा हवाई हमले में इराक के हशद अल शाबी अर्द्धसैन्य बल के सदस्यों को निशाना बनाया. अमेरिका के ड्रोन हमले में बगदाद में शुक्रवार को मारे गए ईरानी कुद्स बल के कमांडर कासिम सुलेमानी और इराकी अर्द्धसैन्य बल के उप प्रमुख अबु महदी अल मुहंदिस के लिए शोक मार्च निकाला जाना था जिसके कुछ ही घंटों पहले अमेरिका ने एक और हमला कर दिया. Also Read - ईरान के नातान्ज परमाणु इकाई में क्‍या हुआ? इसे ईरानी न्‍यूक्‍लीयर चीफ ने ‘परमाणु आतंकवाद’ करार दिया

ईरान और अमेरिका के बीच बेहद तनावपूर्ण स्थिति के बीच ये हमले सबसे नाटकीय घटनाक्रम है. ड्रोन हमले के करीब 24 घंटे बाद एक और हमले में इराकी अर्द्धसैन्य नेटवर्क हशद अल शाबी के काफिले को निशाना बनाया गया. इस नेटवर्क के शिया बहुल धड़ों के ईरान से निकट संबंध हैं. समूह ने अपने बयान में हमले की जानकारी दी लेकिन यह नहीं बताया कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है. हालांकि इराकी सरकारी टीवी चैनल ने बताया कि यह हमला अमेरिका ने किया था. Also Read - डोनाल्ड ट्रंप के समय के एच-1बी वीजा प्रतिबंध समाप्त हुए, भारतीय आईटी पेशेवरों को राहत

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एक पुलिस सूत्र ने बताया कि बमबारी में हशद के काफिले को निशाना बनाया गया और जिसमें कई लोग ‘‘हताहत’’ हुए. उन्होंने मरने वालों की सटीक संख्या नहीं बताई. इस संबंध में अमेरिका ने कोई तत्काल टिप्पणी नहीं की है. उल्लेखनीय है कि अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के शक्तिशाली कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की शुक्रवार को मौत हो गई थी.

जनरल सुलेमानी (62) को अयातुल्ला खामेनी के बाद ईरान में सबसे ताकतवर माना जाता था. उनका कुद्स फोर्स ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड्स की एक इकाई था जो सीधे-सीधे अयातुल्ला को रिपोर्ट करता है. इस हमले में रेवोल्यूशनरी गार्ड्स और हशद के पांच-पांच सदस्य मारे गए थे.