न्यूयॉर्क: एक अमेरिकी जो लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकवादी संगठन का जल्लाद बनने के लिए पाकिस्तान जाना चाहता था उसे अमेरिका की फेडरल कोर्ट ने 15 साल जेल की सजा सुनाई है. न्यायाधीश रोनी अब्राम्स ने मंगलवार को यीशु विल्फ्रेडो एनकर्नासियन को यह सजा सुनाई है. जनवरी में जज के सामने उसने स्वीकार किया था कि लश्कर को “मटेरियल सपोर्ट देने की कोशिश” की थी, जिसने 2008 में मुंबई हमलों को अंजाम दिया था. इस हमले में 170 से अधिक लोग मारे गए थे. Also Read - UN में इमरान के 'कश्मीर राग' पर भारत का करारा जवाब- 'PoK पर अवैध कब्जा खाली करो'

न्यूयॉर्क में एक्टिंग फेडरल प्रोसेक्यूटर ऑड्रे स्ट्रॉस ने कहा, “एनकर्नासन ने जिहाद के नाम पर निर्दोष नागरिकों की हत्या के लिए दुनिया भर में कुख्यात लश्कर-ए-तैयबा के साथ जुड़ने के लिए विदेश यात्रा की साजिश रची.” नेशनल सिक्योरिटी के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल जॉन सी डेमर्स ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभाग उन लोगों की पहचान करने और उन्हें जिम्मेदार ठहराने के लिए प्रतिबद्ध है जो नामित विदेशी आतंकवादी संगठनों में शामिल होना और उनका समर्थन करना चाहते हैं.” Also Read - गिलगिट-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की घोषणा पर भारत ने पाकिस्तान पर साधा निशाना, कहा- कब्जे वाली जगह पर...

30 साल के इस शख्स को पिछले साल फरवरी में न्यूयॉर्क के जेएफके हवाई अड्डे पर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) द्वारा गिरफ्तार किया गया था, जब वह लश्कर में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के लिए उड़ान भरने वाला था. लश्कर में उसे भर्ती कराने वाले माइकल काइल सेवेल को अंडरकवर एफबीआई एजेंटों द्वारा ट्रैक किया गया था, जिन्होंने उनकी बातचीत को रिकॉर्ड किया था. सेवेल उस समय केवल 18 साल का था और साजिश में उसकी भूमिका के लिए उसे सितंबर में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. Also Read - चीन के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप क्यों करते हैं बातें, चीन ने ही बताई वजह